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UP : नए आयोग के गठन में देरी से फंसेगी शिक्षक भर्ती, चुनाव घोषित होते ही लग जाएगा आचार संहिता का अड़ंगा

Mon, 11 Sep 2023 04:15 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

प्रदेश के अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में सहायक अध्यापक (टीजीटी)/प्रवक्ता (पीजीटी) के 4163 पदों पर भर्ती के लिए आवेदन की प्रक्रिया अगस्त-2022 में शुरू हो चुकी है। नए आयोग के गठन के इंतजार में यह भर्ती फंसी हुई है।
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विस्तार
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नए शिक्षा सेवा चयन आयोग के गठन से संबंधित विधेयक को पारित हुए माहभर हो गए हैं, लेकिन आयोग के गठन की प्रक्रिया अब तक शुरू नहीं की गई। यह साल बीतने में सिर्फ साढ़े तीन माह बाकी है और अगले वर्ष लोकसभा के चुनाव हैं। अगर आयोग जल्द क्रियाशील नहीं हुआ तो आगामी शिक्षक भर्तियों में चुनाव आचार संहिता का अड़ंगा लग सकता है।

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प्रदेश के अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में सहायक अध्यापक (टीजीटी)/प्रवक्ता (पीजीटी) के 4163 पदों पर भर्ती के लिए आवेदन की प्रक्रिया अगस्त-2022 में शुरू हो चुकी है। नए आयोग के गठन के इंतजार में यह भर्ती फंसी हुई है। भर्ती प्रक्रिया शुरू हो चुकी है, इसलिए आचार संहिता का इस पर असर नहीं पड़ेगा, लेकिन आचार संहिता लागू होने के बाद नई भर्ती का विज्ञापन जारी नहीं किया जा सकता।

अशासकीय माध्यमिक विद्यालयों जितने पदों पर भर्ती प्रक्रिया चल रही है, उससे तीन गुना अधिक पद रिक्त पड़े हैं। अगर पूर्व की भांति माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन आयोग के पास ही इस भर्ती की जिम्मेदारी होती तो अब तक वर्ष 2022 की भर्ती पूरी हो गई होती और नए पदों पर भर्ती के लिए विज्ञापन भी जारी हो गया होता। आयोग का गठन समय से नहीं हुआ तो नई भर्ती के लिए अभ्यर्थियों को लंबा इंतजार करना होगा।

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यही हाल अशासकीय सहायता प्राप्त महाविद्यालयों का भी है। अशासकीय महााविद्यालयों में भी असिस्टेंट प्रोफेसर के 1017 पदों पर भर्ती के लिए आवेदन की प्रक्रिया अगस्त-2022 में पूरी हो चुकी है। पिछले साल और इस वर्ष जून में बड़ी संख्या में शिक्षकों के रिटायर होने के बाद सैकड़ों पद खाली हुए हैं। यह भर्ती भी अब नए शिक्षा सेवा चयन आयोग को करानी है, जिसका अब तक कोई अता-पता नहीं है।

युवा मंच के अध्यक्ष अनिल सिंह सहित रामबहादुर पटेल, अमित द्विवेदी, अजीत कुमार, ज्ञान प्रकाश सिंह, संजय तिवारी, कमलेश शर्मा आदि ने सीएम को ज्ञापन प्रेषित करते हुए मांग की है कि नए शिक्षा सेवा चयन आयोग को शीघ्र क्रियाशील किया जाए। साथ ही लोकसभा चुनाव की अधसूचना जारी होने से पहले प्राइमरी, माध्यमिक एवं उच्च शिक्षा में शिक्षकों के रिक्त पड़े सभी पदों पर भर्ती के लिए विज्ञापन जारी किए जाएं।
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एलटी ग्रेड शिक्षक भर्ती भी अटकी
 
प्रदेश के राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में एलटी ग्रेड शिक्षक के छह हजार से अधिक पद खाली हैं। इनका अधियाचन महीनों से उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग के पास पड़ा है। यह भी स्पष्ट है कि राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में शिक्षक भर्ती लोक सेवा आयोग को ही करानी है। इसके बावजूद इन पदों पर भर्ती के लिए विज्ञापन जारी नहीं किया जा रहा। पिछले तीन माह में अभ्यर्थी कई बार इस मुद्दे पर आयोग में धरना-प्रदर्शन भी कर चुके हैं।
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