प्रीपेड टास्क का झांसा देकर जमा कराई रकम
टास्क के दौरान ही उन्हें प्रीपेड टास्क का झांसा दिया गया। इसमें एक हजार रुपये का पेमेंट कराकर आईडी, पासवर्ड दिया गया। इसमें एडवांस पेमेंट पर एक कोड मिलता था, जिसे बताने पर प्रीपेड टास्क बीटीसी को क्लिक करने का ऑप्शन आता था। इसमें क्रिप्टोकरेंसी को खरीदना था और उसी समय फायदा या नुकसान बता दिया जाता था। इस तरह से अलग-अलग बार में उनसे रकम खातों में जमा कराई गई।
फिर अकाउंट फ्रीज होने समेत अन्य का झांसा देकर 69 लाख जमा करा लिए गए। 21 सितंबर से 17 अक्तूबर तक रकम जमा कराई गई। रुपये वापस करने के लिए अब नौ लाख रुपये और मांग रहे हैं। पीड़ित ने साइबर थाने में शिकायत की, जिसके आधार पर रिपोर्ट दर्ज कर ली गई। सीओ साइबर थाना अतुल यादव ने बताया कि मोबाइल नंबर की डिटेल निकलवाई जा रही है।
घर बैठे रुपये कमाने के झांसों से रहें सावधान
सीओ साइबर थाना अतुल यादव बताते हैं कि ऑनलाइन धोखाधड़ी में टास्क के नाम पर होने वाले साइबर अपराध आजकल बहुतायत में हो रहे हैं। इसमें साइबर ठग पहले आपको घर बैठे कमाई का झांसा देकर टास्क पूरा करने को कहते हैं। यह टास्क लाइक, शेयर से लेकर फॉलो तक हो सकता है। वह यह भी बताते हैं कि टास्क पूरा करने पर उन्हें पैसे मिलेंगे जो उनके लॉगिन अकाउंट में जमा होते जाएंगे और वह जब चाहें इस रकम को निकाल सकते हैं।
वास्तव में ऐसा कुछ नहीं होता, बल्कि यह एक फर्जी अकाउंट होता है, जिसमें रकम बढ़ती हुई दिखाई जाती है। इस तरह से लोग साइबर ठग के झांसे में आ जाते हैं। जब व्यक्ति रकम निकासी चाहता है तो उसे बहाना बनाकर एडवांस पेमेंट करने को कहा जाता है और इस तरह से उसे साइबर ठगी का शिकार बनाया जाता है।