जिला अदालत ने पॉक्सो मामले में दोषी शिक्षक को पांच साल कठोर कारावास और 10 हजार के अर्थदंड की सजा सुनाई है। कहा कि दुष्कर्म का प्रयास न केवल स्त्री के शरीर के प्रति अपराध है, बल्कि यह स्त्रीत्व और समाज के खिलाफ भी अपराध है।
यह आदेश अपर सत्र न्यायाधीश, विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो) विनोद कुमार चौरसिया ने विशेष लोक अभियोजक विनय कुमार त्रिपाठी को सुनकर दिया। आरोपी अनिरुद्ध प्रताप सिंह के खिलाफ धूमनगंज थाने में दुष्कर्म, चोट पहुंचाने और पॉक्सो समेत गंभीर धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई थी।
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अभियोजन के अनुसार पीड़िता एक पब्लिक स्कूल की छात्रा थी। आरोपी उसे ट्यूशन पढ़ाने घर आता था। आरोप है कि उसने नाबालिग छात्रा के साथ दुष्कर्म करने का प्रयास किया। परिवार को नुकसान पहुंचाने और परीक्षा में फेल कराने की धमकी देता था।
अदालत ने सुप्रीम कोर्ट के फैसलों का हवाला दिया। कहा कि सजा केवल आरोपी के लिए नहीं, बल्कि पीड़िता और समाज के प्रति न्याय सुनिश्चित करने के लिए भी जरूरी है। ब्यूरो