जॉर्जटाउन में जल निगम में ट्यूबवेल ऑपरेटर की नौकरी दिलाने के नाम पर पांच लाख रुपये की ठगी का मामला आया है। आरोपियों ने फर्जी नियुक्ति प्रमाणपत्र भी जारी कर दिया। जिला न्यायालय के आदेश पर जॉर्जटाउन पुलिस ने जल निगम कर्मचारी रमेश सिंह और एक अन्य अशोक यादव के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है।
सोरांव के चांदपुर सराय निवासी पीड़ित राजेंद्र कुमार पटेल के अनुसार, वर्ष 2021 में उनकी मुलाकात अल्लापुर स्थित जल निगम कार्यालय में अशोक यादव हुई। उसने खुद को जल निगम का अधिकारी बताते हुए विभाग में ऑपरेटर पद पर भर्ती कराने का झांसा देकर पांच लाख रुपये मांगे।
आरोपी ने उन्हें और उनके ससुर को विश्वास में लेकर जल निगम कार्यालय के कुछ अन्य कर्मचारियों से भी मुलाकात कराई। इसके बाद 28 अक्तूबर 2021 को फर्जी नियुक्ति पत्र रजिस्टर्ड डाक से भेज दिया गया।
आरोप है कि करीब 1.80 लाख रुपये ऑनलाइन और बाकी 3.20 लाख रुपये नकद दिए गए। पीड़ित के अनुसार, 13 दिसंबर 2021 को आरोपी उन्हें जल निगम कार्यालय ले गया, जहां फर्जी परिचय पत्र तैयार कराया गया। इसके बाद अल्लापुर लेबर चौराहा स्थित ट्यूबवेल पर भेजकर कई दिनों तक एक रजिस्टर पर हस्ताक्षर भी कराए जाते रहे।
कुछ समय बाद पता चला कि नियुक्ति पत्र और परिचय पत्र दोनों फर्जी हैं। आरोपी अशोक यादव प्रॉपर्टी डीलर है। आरोप लगाया कि जब उसने रुपये वापस मांगे तो आरोपी और उसके साथियों ने टालमटोल शुरू कर दी। छह दिसंबर 2025 को पुलिस में शिकायत की लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। न्यायालय से गुहार लगाई तो जॉर्जटाउन पुलिस ने एफआईआर दर्ज की।