अपने अंतरराष्ट्रीय अनुभवों को साझा करते हुए उन्होंने बताया कि व्यावहारिक स्तर पर यदि पुलिस विभाग में सही दिशा में बदलाव लाया जाए तो जनता एवं पुलिस के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया जा सकता है। नियमित ड्यूटी का समय नहीं होने से पुलिस कर्मियों में अत्यधिक मानसिक तनाव देखने को मिलता है, इसलिए तनाव प्रबंधन भी अत्यंत महत्वपूर्ण है।
पुलिस लाइंस स्थित त्रिवेणी सभागार में बृहस्पतिवार को सेमिनार में राष्ट्रपति पदक से सम्मानित पूर्व आईपीएस आनंद वर्धन शुक्ला ने पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को तनाव प्रबंधन, नेतृत्व की भूमिका, समेत अन्य महत्वपूर्ण पुलिसिंग के तरीके बताए।
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अपने अंतरराष्ट्रीय अनुभवों को साझा करते हुए उन्होंने बताया कि व्यावहारिक स्तर पर यदि पुलिस विभाग में सही दिशा में बदलाव लाया जाए तो जनता एवं पुलिस के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया जा सकता है। नियमित ड्यूटी का समय नहीं होने से पुलिस कर्मियों में अत्यधिक मानसिक तनाव देखने को मिलता है, इसलिए तनाव प्रबंधन भी अत्यंत महत्वपूर्ण है।
टीम बिल्डिंग की गतिविधियों को महत्व देते हुए शुक्ला ने कहा, समाज और पुलिस बल एकजुट होकर कार्य करें तो कानून व्यवस्था और अच्छी की जा सकती है। राजस्थान कैडर के पूर्व आईपीएस रहे आनंद वर्धन शुक्ला पुलिस महानिरीक्षक, अतिरिक्त निदेशक, राजस्थान पुलिस अकादमी जयपुर के पद से रिटायर हुए हैं। वर्ष-2004 में उन्हें राष्ट्रपति ने भारतीय पुलिस पदक से सम्मानित किया था।
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सेमिनार में पुलिस कमिश्नर तरुण गाबा, एडिशनल कमिश्नर एन. कोलांची, आईजी प्रेम गौतम, डीसीपी अभिषेक भारती, डीसीपी विवेक चंद्र यादव, एसीपी पुष्कर वर्मा, श्वेताभ पांडेय और मनोज सिंह समेत अधिकारीगण मौजूद रहे।