45 हजार रुपये खाते में जमा कराए
सोहबतियाबाग में रहने वाली सोनी कुमारी को भी ऑनलाइन जॉब के नाम पर ठगी का शिकार बनाया गया। उसने पुलिस को बताया कि इंटरनेट के जरिये वर्क फ्रॉम होम के लिए उसने फ्रीलोंसवर्कडॉटकॉम वेबसाइट पर विजिट किया। इस पर पंजीकरण के लिए उससे आधार कार्ड, 10वीं के प्रमाणपत्र और पासपोर्ट साइज फोटो मांगा गया, जिस पर उसने भेज दिया। इसके बाद पंजीकरण के लिए दो हजार रुपये यह कहते हुए मांगे कि रुपये बाद में रिफंड हो जाएंगे। इसके बाद लैपटॉप देने का झांसा दिया और इंश्योरेंस के नाम पर 9650 रुपये जमा करा लिए। फिर रकम वापस करने का झांसा देकर कई बार में 45 हजार रुपये जमा करा लिए। रुपये किसी सिंटू कुमार के खाते में ट्रांसफर कराए गए। इसके बाद भुक्तभोगी ने शिकायत दर्ज कराई।
फर्जी वेबसाइट से रहें सावधान, जॉब के लिए न दें रुपये
- डीसीपी नगर संतोष कुमार मीणा बताते हैं कि सभी जानते हैं कि इंटरनेट का इस्तेमाल करने वाले ज्यादातर लोग युवा हैं। ऐसे में वह घर बैठे कमाई का ऑफर देकर उनके साथ ठगी करते हैं।
- इसके लिए वह फर्जी वेबसाइट तैयार करते हैं। यह फर्जी वेबसाइट जॉब दिलाने वाली नामी कंसंल्टेंसी फर्म की वेबसाइट से हूबहू मिलती-जुलती होती है।
- वेबसाइट के नाम में एक या दो अक्षरों को बदल दिया जाता है और यही वजह है कि लोग उसे असली वेबसाइट समझ लेते हैं।
- इन वेबसाइट्स पर विजिट करते ही आपका मोबाइल नंबर मांगा जाता है। नंबर मिलते ही संबंधित को एक लिंक भेजा जाता है।
- लिंक के जरिये व्यक्ति को रजिस्ट्रेशन फॉर्म पर नेविगेट किया जाता है। जिसके बाद या तो रजिस्ट्रेशन के नाम पर या फार्म में निजी जानकारियां लेकर खाते से रकम उड़ा दी जाती है।
- शुरुआत में छोटी रकम मांगकर रिफंड भी कर दिया जाता है ताकि लोगों को विश्वास में लिया जा सके। इसके बाद बड़ी रकम मांगी जाती है जो रिफंड नहीं होती। फिर रिफंड के नाम पर भी रकम ऐेंठ ली जाती है।
आप हुए हैं साइबर ठगी के शिकार तो हमसे साझा करें जानकारी
अगर आप साइबर ठगी के शिकार हो चुके हैं तो कैसे हुए, ठग ने क्या कहा, उसके बाद क्या रकम वापस मिली या नहीं। यह जानकारी हमसे इस नंबर 7617566162 पर व्हाट्सएप पर साझा कर सकते हैं। हम आपसे मिली जानकारी को प्रकाशित कर अन्य लोगों को सचेत करने की कोशिश करेंगे।