इलाहाबाद। मतदाता जागरूकता के लिए प्रशासन ने पूरी ताकत झोंक दी है। जिले में चार लाख युवाओं को वोटर बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। प्रशासन ने उन युवाओं से मतदाता पंजीकरण फॉर्म भरने का आग्रह किया है, जो पहली जनवरी 2017 को 18 वर्ष की आयु पूरी कर रहे हैं। हालांकि अभियान में अब तक खास सफलता नहीं मिली है। जिन नए मतदाताओं ने फॉर्म भरे हैं, उनकी संख्या 20 हजार से भी कम है। यह संख्या लक्ष्य का महज पांच फीसदी है।
भारत निर्वाचन आयोग के स्पष्ट निर्देश हैं कि वोटर लिस्ट में महिलाओं की संख्या बढ़ाई जाए और अधिक से अधिक युवाओं से मतदाता पंजीकरण फॉर्म भरवाए जाएं। दोनों ही मामलों में इलाहाबाद काफी पीछे है। इलाहाबाद में तीन से चार लाख युवाओं को वोटर बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। जो वोटर पहली जनवरी 2017 को 18 वर्ष की आयु पूरी कर रहे हैं, उन तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है। इसके लिए कॉलेजों में शिविर भी लगवाए जा रहे हैं लेकिन जागरूकता की कमी के कारण इसमें अब तक खास सफलता नहीं मिली। विशेष अभियान की ही बात करें तो अब तक 20 हजार से भी कम लोगों ने मतदाता पंजीकरण फॉर्म भरे हैं। इनमें महिलाओं की संख्या 30 फीसदी है। महिलाओं और युवाओं को वोटर लिस्ट में शामिल करना प्रशासन के लिए अब बड़ी चुनौती बन गई है। मतदाता जागरूकता के तहत लगातार कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं लेकिन वोटरों की संख्या लक्ष्य से बहुत कम है।