सड़क, पटरी, नाले-नाली के ऊपर से अतिक्रमण हटाने के लिए नगर निगम को अब क्षेत्र में मुनादी करानी होगी। इसके पहले कब्जे को चिह्नित करने के साथ नोटिस भी जारी करना होगा। जिला प्रशासन ने नगर निगम को अब ऐसा करने का आदेश दिया है, जबकि नगर निगम अधिनियम की धारा 296 में प्रावधान है कि सार्वजनिक स्थल,सड़क, पटरी, नाले-नाली पर अतिक्रमण हटाने के लिए किसी तरह के नोटिस आदि की जरूरत नहीं है।
सोमवार को जोनल अधिकारी मुन्ना राम एवं अतिक्रमण निरीक्षक पीयूष मोहिले के नेतृत्व में निगम का दस्ता करेली थाने की पुलिस एवं पीएसी के साथ करेली में नाले के ऊपर कब्जा कर बने गेस्टहाउस समेत ऐसे ही अन्य अतिक्रमण को हटाने पहुंचा था। कार्रवाई शुरू करने के पहले जोनल अधिकारी ने इसके लिए सिटी मजिस्ट्रेट राम भरत तिवारी से फोन पर बात की। जोनल अधिकारी के मुताबिक सिटी मजिस्ट्रेट ने अभियान के पहले अतिक्रमण को चिह्नित करने, फिर नोटिस जारी करने और मुनादी कराने के बाद कार्रवाई करने का निर्देश दिया। इसकी वजह से करेली में अभियान स्थगित कर दिया गया। उधर, अतिक्रमण निरीक्षक एसएल यादव का कहना है कि अधिनियम में स्पष्ट है कि ऐसे अतिक्रमण के लिए किसी तरह की नोटिस की कोई आवश्यकता नहीं है।
करेली में अभियान स्थगित होने के बाद भी निगम के दस्ते ने नूरुल्ला रोड पर बैरियर के पास से खुल्दाबाद चौराहा तक अतिक्रमण हटाया। इस दौरान रोड पटरी पर चार गुमटियां तोड़ने के साथ दुकानों के बाहर रखे बॉक्स, कूलर आदि हटवाए। खुल्दाबाद चौराहा के पास एक चाय का काउंटर भी जब्त किया गया। इसके अलावा दो हजार रुपये जुर्माना भी वसूला गया।