शासन एवं यूपी बोर्ड की ओर से बोर्ड परीक्षा 2015 के लिए परीक्षा केन्द्र तैयार करने में सावधानी बरतने के आदेश के बाद भी परीक्षा व्यवस्था से जुड़े अधिकारी चेत नहीं रहे हैं। जिला एवं मंडलीय समितियों की ओर से तैयार केन्द्रों की सूची में दागी विद्यालयों को शामिल कर लिया गया है। परीक्षा केन्द्र की सूची तैयार करने की पहली जिम्मेदारी जिलाधिकारी की अध्यक्षता वाली कमेटी को सौपी गई है। इस सूची को तय करने में जिला विद्यालय निरीक्षकों की हीलाहवाली के कारण प्रमुख सचिव माध्यमिक ने अब सूची की निगरानी सीधे मंडलायुक्तों को सौप दिया है।
जिला समितियों की ओर से तैयार परीक्षा केन्द्रों की सूची में मनमानी की बात सामने आई है। लखनऊ, इलाहाबाद, कौशांबी, मैनपुरी सहित पूर्वांचल के कई जिलों के जिला विद्यालय निरीक्षक अपने अधिकारियों की नहीं बल्कि सत्ताधारी दल के नेताओं के कहने पर परीक्षा केन्द्र फाइनल कर रहे हैं। इस बात की शिकायत लेकर बड़ी संख्या में सहायता प्राप्त माध्यमिक स्कूलों के प्रधानाचार्य बोर्ड मुख्यालय पहुंच रहे हैं। बोर्ड मुख्यालय पहुंची शिकायतों में कहा गया है कि तीन वर्ष पूर्व मान्यता पाने वाले विद्यालयों को परीक्षा केन्द्र बनाने के साथ पिछले वर्षों में नकल के आरोप में दागी बनाए गए स्कूलों को परीक्षा केन्द्र बना दिया।
जिला विद्यालय निरीक्षकों की ओर से जारी सूची में ऐसे विद्यालयों को परीक्षा केन्द्र बना दिया गया है जो विगत वर्षों में दूसरे राज्यों के छात्रों को परीक्षा फार्म भरवाने के आरोप के घेरे में आ चुके हैं। दागी परीक्षा केन्द्रों में नवज्योति इंटर कॉलेज, पब्लिक इंटर कॉलेज, आदर्श उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, आर्य बेसिक इंटर कॉलेज, चेतना पब्लिक इंटर कॉलेज, लाल बहादुर शास्त्री इंटर कॉलेज शामिल हैं। इन परीक्षा स्कूलों को बीते वर्षों में नकल, दूसरे राज्यों एवं जिले के परीक्षार्थियों को परीक्षा फार्म भरवाकर नकल करवाने का आरोप है।