विश्व हिंदू परिषद की ओर से शुक्रवार 19 जनवरी को माघ मेले में आयोजित संत सम्मेलन इस बार कई मायने में खास होगा। यह पहला मौका होगा कि जब संत सम्मेलन में यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ और डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य दोनों ही शामिल हो रहे हैं। सम्मेलन में राम मंदिर ही चर्चा का मुख्य विषय रहेगा, यह अभी से तय है। इसके अलावा गंगा और गोरक्षा के मामले में भी संत सम्मेलन में चर्चा हो सकती है। विहिप के अंतर्राष्ट्रीय मंत्री चंपत राय की मानें तो इस सम्मेलन में संत जो मुद्दे उठाएंगे, उसी पर चर्चा की जाएगी। सम्मेलन को लेकर विहिप अपना कोई एजेंडा नहीं थोप रहा।
दरअसल, अगले माह 8 फरवरी से सर्वोच्च न्यायालय में मंदिर मुद्दे पर सुनवाई भी प्रस्तावित है। ऐसे में इस सुनवाई से ठीक पहले हो रहे संत सम्मेलन में मंदिर निर्माण का मुद्दा निश्चित ही गरमाएगा। लंबे समय से तमाम संत मांग करते आ रहे हैं कि मंदिर निर्माण जल्द से जल्द शुरू हो। यहां तक यह भी दावा किया गया कि इस वर्ष के अंत से मंदिर निर्माण शुरू हो जाएगा। वैसे वर्ष 2019 में होने वाले लोकसभा चुनाव को लेकर भी इस बात के आसार जताए जा रहे हैं कि केंद्र और राज्य सरकार मंदिर निर्माण मुद्दे पर कुछ न कुछ सार्थक पहल जरूर करेगी। विहिप की ओर से पूर्व में संत सम्मेलन 20 जनवरी को आयोजित था लेकिन सीएम योगी के 19 जनवरी को इलाहाबाद आने के प्रस्तावित कार्यक्रम को देखते हुए यह तारीख एक दिन पहले कर दी गई। विहिप के अंतर्राष्ट्रीय मंत्री चंपत राय ने इसकी पुष्टि की भी है। उन्होंने बताया कि सीएम के इलाहाबाद आगमन को देखते हुए कि संत सम्मेलन 20 की बजाय 19 जनवरी को किया जा रहा है।
संत सम्मेलन में आगामी छह माह में किए जाने वाले कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार होगी। राम मंदिर निर्माण की प्रक्रिया किस तरह से शुरू कराई जानी है, इस रणनीति को अंतिम रूप दिया जाएगा। राम मंदिर मुहिम से ज्यादा से ज्यादा लोगों को जोड़ने की रणनीति पर भी विचार होगा। दरअसल विहिप द्वारा संगठन को मजबूत करने के लिए हर एक गांव और मोहल्लों में समिति बनाने का भी जोर दिया जा रहा है। इसके अलावा परिषद के कार्यों को सफल बनाने के लिए युवाओं की संख्या बढ़ाने पर जोर रहेगा। विश्व हिंदू परिषद प्रयाग की धरती से ही धर्म रक्षा प्रचार अभियान की शुरुआत करेगा। 2019 से पहले हर गांव और हर बूथ पर घरों के ऊपर भगवा ध्वज लहराने की रणनीति बनाई गई है। भगवाध्वज के बहाने पूरे प्रदेश में हिंदू जनजागरण की भूमिका तैयार की जा रही है।
इलाहाबाद। विश्व हिंदू परिषद के परेड ग्राउंड स्थित शिविर में संत सम्मेलन के लिए दो मंच बनाया जाने काम शुरू हो गया है। यहां एक मंच पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य एवं प्रमुख संत बैठेंगे, जबकि दूसरे में विहिप पदाधिकारियों के साथ स्थानीय सांसद एवं विधायक आदि आसीन होंगे। सम्मेलन में पांच हजार कुर्सियां लगाई जा रही है। इसके अलावा मेला क्षेत्र में भगवा झंडे लगाने के लिए 200 कार्यकर्ताओं को लगाया गया है। सम्मेलन में श्रीराम जन्मभूमि न्यास अध्यक्ष महंत नृत्यगोपाल दास, स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती, अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष स्वामी नरेंद्र गिरि, स्वामी नरेंद्रानंद, मुनि महाराज, मौनी बाबा सहित कई अन्य संत शिरकत करेंगे। उधर सम्मेलन की तैयारियों को लेकर पूर्व गृह राज्य मंत्री स्वामी चिनम्यानंद ने मेला शिविर में समीक्षा भी की।
विहिप के संत सम्मेलन में तैयारियों का प्रशासनिक अफसरों की टीम भी लगातार जायजा ले रही है। बुधवार को एडीए प्रशासन, एडीएम प्रोटोकाल, माघ मेलाधिकारी एवं स्वास्थ्य विभाग के अफसर लगातार विहिप शिविर में ही जमे रहे। दरअसल संत सम्मेलन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य के शामिल होने से प्रशासन इस आयोजन को बेहद गंभीरता से ले रहा है। विहिप शिविर में देश के विभिन्न प्रदेशों से आए वेद विद्यार्थियों की मौजूदगी में बुधवार को यजुर्वेद मंत्रों से यज्ञ की शुरूआत हुई। आचार्य चंद्रभान शर्मा, आचार्य पंकज के निर्देशन में इस यज्ञ में करोड़ों आहुतियां पड़ेगी। इस दौरान प्रांत संगठन मंत्री मुकेश, विमल प्रकाश, आरएन गोयल, विनोद अग्रवाल, अमित पाठक, मीनाक्षी ताई, सरोज, रंजना, गौरव जायसवाल, अजय गुप्ता, अश्विनी मिश्र, अभिमन्यु शाही आदि मौजूद रहे। इसके पूर्व विहिप शिविर में दुर्गावाहिनी, मातृशक्ति चिंतन शिविर एवं धर्मप्रसार की बैठक भी हुई। इसमें 19 जिलों के पदाधिकारी शामिल हुए। बैठक में संगठन की मजूबती पर चर्चा की गई। बैठक बृहस्पतिवार को भी होगी।