कोरोना संक्रमण के दौरान शुरू हुई थी आरटी पीसीआर की जांच
एमएलएन मेडिकल कॉलेज में पहली बार आरटी पीसीआर की जांच कोरोना संक्रमण के दौरान शुरू हुई थी। वहीं इन्फ्लुएंजा ए (एचवन एनवन) की जांच भी आरटी पीसीआर किट से होती है। ऐसे में अब आरटी पीसीआर किट की डिमांड की गई है।
2013 व 2015 में आए थे स्वाइन फ्लू के मामले
जनपद में स्वाइन फ्लू के मामले 2013, 2015 के दौरान पहली बार सामने आए थे। जिसके बाद मरीजों का सैंपल जांच के लिए एसजीपीआई भेजा जाता था। इस दौरान 2013 में दो व 2015 में करीब तीन मरीजों में स्वाइन फ्लू की पुष्टि हुई थी।
स्वाइन फ्लू और मौसमी संक्रमण के लक्षण में अंतर
मौसमी संक्रमण
1-मौसमी संक्रमण के लक्षण आमतौर पर धीरे-धीरे विकसित होते हैं।
2-इसमें मतली, उल्टी व दस्त बहुत ही कम व न के बराबर होते हैं।
3-हल्का बुखार और कम कमजोरी होती है, जो 3 से 5 दिन में ठीक हो जाती है।
4-यह सामान्य आराम और घरेलू उपायों से ठीक हो जाता है।
स्वाइन फ्लू
1-स्वाइन फ्लू के लक्षण बहुत अचानक और तेजी से प्रकट होते हैं।
2-इसमें सांस संबंधी लक्षणों के साथ-साथ उल्टी, दस्त व पेट दर्द की समस्या अधिक देखने को मिलती है, खासकर बच्चों में।
3-तेज बुखार, ठंड लगना, सिरदर्द व मांसपेशियों में अत्यधिक दर्द व कमजोरी महसूस होती है।
3-यह फेफड़ों को अधिक प्रभावित करता है व गंभीर मामलों में निमोनिया व सांस लेने में भारी कठिनाई जैसी जटिलताएं पैदा कर सकता है।
पहली बार माइक्रोबायोलॉजी विभाग इन्फ्लुएंजा ए (एचवन एनवन) की जांच शुरू होने जा रही है। आरटी पीसीआर किट की डिमांड की गई है। संभवता एक सितंबर से जांच शुरू हो जाएगी। ऐसे में 24 घंटे के भीतर रिपोर्ट उपलब्ध होने के बाद मरीजों को उपचार समय रहते शुरू हो सकेगा। - डॉ. मोनिका सिंह, प्रोफेसर, माइक्रोबायोलॉजी विभाग, एमएलएन मेडिकल कॉलेज।