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डॉक्टर बोले- सूजन या गांठ सिर्फ कैंसर का संकेत नहीं, शरीर में कोई विसंगति हो तो समय पर जांच कराएं

Fri, 30 Jan 2026 02:48 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

शरीर में सूजन या गांठ है तो जरूरी नहीं कि कैंसर ही हो। लेकिन समय पर जांच कराने से बीमारी स्पष्ट हो जाती है। इससे प्रभावी उपचार संभव है।
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डॉक्टर। - फोटो : अमर उजाला।
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शरीर में सूजन या गांठ है तो जरूरी नहीं कि कैंसर ही हो। लेकिन समय पर जांच कराने से बीमारी स्पष्ट हो जाती है। इससे प्रभावी उपचार संभव है। ये बातें लखनऊ की केजीएमयू के पैथोलॉजी विभाग की अध्यक्ष प्रोफेसर डॉ. शालिनी भल्ला ने मोती लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज प्रयागराज के राष्ट्रीय सम्मेलन में कहीं।

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उन्होंने कहा कि स्तन या गर्भाशय ग्रीवा में होने वाली सूजन कैंसर का संकेत नहीं देतीं। यह संक्रमण, लिम्फ नोड्स के बढ़ने, गांठ या थायराइड के कारण हो सकती है। लेकिन निगलने में कठिनाई (डिस्फेजिया), बार-बार संक्रमण, खूनी बलगम (हेमोप्टिसिस), अस्पष्ट गांठें या लगातार दर्द हो रहा है तो बिना समय गंवाए जांच कराकर उपचार शुरू कर देना चाहिए।

आधुनिक ऑन्कोलॉजी पैथोलॉजी में इम्यूनोहिस्टोकेमिस्ट्री (आईएचसी) कैंसर कोशिकाओं में विशिष्ट प्रोटीन का पता लगाकर इलाज में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। यह तकनीक न केवल सटीक ट्यूमर निदान और वर्गीकरण में सहायता करती है, बल्कि उन बायोमार्करों की भी पहचान करती है, जो लक्षित उपचारों का मार्गदर्शन करते हैं।
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प्रो. शालिनी ने कहा कि प्रभावी ऑन्कोपैथोलॉजी प्रबंधन के लिए पैथोलॉजिस्ट, ऑन्कोलॉजिस्ट, सर्जन, रेडियोलॉजिस्ट और अन्य विशेषज्ञों के बीच अंतरविषयक सहयोग आवश्यक है। संस्थागत ट्यूमर बोर्ड व्यापक केस चर्चा, साक्ष्य आधारित उपचार योजना और बेहतर रोगी परिणामों को सुगम बनाते हैं।

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