माघ मेला क्षेत्र के त्रिवेणी मार्ग स्थित श्री काशी सुमेरू पीठाधीश्वर अनंत श्री विभूषित जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी नरेंद्रानंद सरस्वती महाराज के शिविर में बृहस्पतिवार को संत सम्मेलन में यूजीसी के नए नियमों का मुद्दा छाया रहा।
माघ मेला क्षेत्र के त्रिवेणी मार्ग स्थित श्री काशी सुमेरू पीठाधीश्वर अनंत श्री विभूषित जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी नरेंद्रानंद सरस्वती महाराज के शिविर में बृहस्पतिवार को संत सम्मेलन में यूजीसी के नए नियमों का मुद्दा छाया रहा। सम्मेलन में शंकराचार्य ने यूजीसी के नए नियमों को समाज में विघटन पैदा करने वाला बताया।
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शंकराचार्य ने उन्होंने बताया कि यह नियम संविधान के समानता वाले अधिकार का उल्लंघन है और यह न समाज के और न ही देशहित में है। उन्होंने कहा कि सभी को सनातन धर्म के संस्कारों का पालन करना चाहिए । कहा कि सभी मठ, मंदिरों, आश्रमों और सनातनियों के घर में गाय जरूर होनी चाहिए। उन्होंने अंतरजातीय विवाह पर कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा कि कन्या का 14-15 वर्ष में विवाह और 18 तक गौना किया जाना चाहिए।
सम्मेलन में बिन्नाी पीजी कॉलेज मीरजापुर के अवकाश प्राप्त प्रो. डॉ सच्चिदानंद तिवारी ने कहा कि देश विरोधी मैकाले शिक्षा पद्धति को खत्म कर समान शिक्षा नीति लागू होनी चाहिए। इस दौरान स्वामी नारद आश्रम, स्वामी बृजभूषणनंद सरस्वती, स्वामी प्रकृष्टानंद सरस्वती, दिल्ली विश्वविद्यालय के डॉ. वेदब्रत तिवारी, मोहन लाल मिश्र आदि मौजूद रहे।