शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती
मौनी अमावस्या स्नान पर्व पर शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती ने संगम पर डुबकी लगाई। मनकामेश्वर मंदिर से सेना की मोटरवोट से संगम पहुंचे। शंकराचार्य स्वरूपानंद ने शिष्यों समेत स्नान किया। स्नान के बाद गंगा पूजन और सूर्य को अर्घ्य भी दिया। इस मौके पर उन्होंने कहा मौनी अमावस्या का स्नान नई ऊर्जा देने वाला है।
अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि ने शिष्य स्वामी आनंद गिरि के संग भोर त्रिवेणी में डुबकी लगाई। इसी क्रम में स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती, काशी सुमेरूपीठाधीश्वर स्वामी नरेंद्रानंद सरस्वती, महामंडलेश्वर सतुआबाबा संतोषदास, जगद्गुरु रामसुभगदास बिनैका बाबा, महामंडलेश्वर माधोदास, स्वामी महेशाश्रम, स्वामी विमलदेव आश्रम, स्वामी सुहृदानंद, सद्गृहस्थ संत देवप्रभाकर शास्त्री दद्दा जी आदि ने भी शिष्यों, भक्तों के साथ त्रिवेणी स्नान किया।