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मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य ने स्पेशल कोर्ट में किया समर्पण, मिली जमानत

Tue, 27 Nov 2018 10:26 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
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फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
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प्रदेश सरकार के मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य ने स्पेशल कोर्ट एमपी/एमएलए से गैरजमानती वारंट जारी होने के बाद मंगलवार को सरेंडर कर दिया। उन्होंने आचार संहिता उल्लंघन के दो मामलों में जमानत अर्जी प्रस्तुत की। कोर्ट ने सुनवाई के बाद जमानत अर्जी मंजूर कर ली और 20-20 हजार रुपये की दो जमानतें तथा मुचलका दाखिल करने पर रिहा करने का आदेश दिया है। यह आदेश स्पेशल जज पवन कुमार तिवारी ने दिया है।
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घटना 24 जनवरी 2012 की कुशीनगर के पड़रौना थाने की है। कांग्रेस के प्रत्याशी राजेश जायसवाल ने बसपा प्रत्याशी स्वामी प्रसाद मौर्य के खिलाफ साड़ी और रुपये बांटने का आरोप लगा कर शिकायत की थी। जिस पर उनके खिलाफ आचार संहिता के उल्लंघन में मुकदमा दर्ज किया गया था।

एक अन्य घटना छह फरवरी 2012 की है, जिसमें प्रचार के दौरान आचार संहिता उल्लंघन में पड़रौना थाने में रिपोर्ट दर्ज की गई थी। दोनों मामलों की सुनवाई स्पेशल कोर्ट में चल रही है। हाजिर न होने पर उनको वारंट जारी करने का आदेश था।
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केशव मौर्य के तीन मुकदमे वापस लेने की प्रक्रिया शुरू

फाइल फोटो - फोटो : amar ujala
शासन के निर्देश पर अभियोजन ने उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के खिलाफ लंबित तीन मुकदमे वापस लेने की अदालती प्रक्रिया शुरू कर दी है। अभियोजन ने मंगलवार को स्पेशल कोर्ट में अर्जी प्रस्तुत की है। कोर्ट ने दस दिसंबर 2018 को अर्जी पर सुनवाई किए जाने का आदेश दिया है। मामले की सुनवाई स्पेशल कोर्ट जज पवन कुमार तिवारी ने दिया है।

एडीजीसी राजेश कुमार गुप्ता ने बताया कि उत्तर प्रदेश शासन के अनुसचिव अरुण कुमार राय ने कौशांबी में उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के खिलाफ मोहब्बतपुर पैंसा थाने में दर्ज दो मुकदमों और मंझनपुर थाने में दर्ज मारपीट, बलवा आदि के मुकदमे सरकार बनाम विभूतिनारायण आदि  को वापस लेने के लिए डीएम कौशांबी को पत्र लिखा था।

डीजीसी गुलाबचंद्र अग्रहरि के निर्देश पर स्पेशल कोर्ट में मुकदमा वापसी की अर्जी मंगलवार को प्रस्तुत की गई है। अभियोजन ने अर्जी में कहा है कि तीनों ही प्रकरण चुनावी और धार्मिक क्रियाकलाप से संबंधित हैं, जिसमें जनहित की क्षति नहीं हुई है। राज्यपाल ने इन मुकदमों को वापस लेने की सहमति दे दी है। सरकार ने लोक अभियोजक को न्यायालय में प्रार्थनापत्र प्रस्तुत करने की अनुमति दी है। 
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पूर्व विधायक चंद्रभद्र सिंह के मामले में 15 ने कराई जमानत

पूर्व विधायक चंद्रभद्र सिंह उर्फ सोनू सिंह के खिलाफ लंबित मुकदमे में मंगलवार को 15 लोगों ने आत्मसमर्पण कर जमानत अर्जी प्रस्तुत की है। कोर्ट ने सभी की जमानत मंजूर कर बीस-बीस हजार की दो-दो जमानतें दाखिल करने पर रिहा कर दिया। इस प्रकरण में पूर्व विधायक चंद्रभद्र सिंह कोर्ट में उपस्थित हुए। उनकी पहले ही जमानत हो चुकी है। प्रकरण की अगली सुनवाई 28 जनवरी 2019 को होगी।

यह आदेश स्पेशल जज पवन कुमार तिवारी ने दिया है। घटना 24 जनवरी 2006 की सुल्तानपुर के कूड़ेभार थाने की है। एसओ जेएल सरोज ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि पुलिस सोनू सिंह के यहां गिरफ्तारी करने के लिए दबिश देने गई थी। वहां बड़ी संख्या में एकत्र लोगों ने विधायक के नेतृत्व में लाठी-डंडे से लैस होकर पुलिस पर हमला कर दिया था, जिसमें कई सिपाहियों को चोटें आईं थीं।

मंगलवार को स्पेशल कोर्ट में सत्येंद्र सिंह, हरेंद्र सिंह, धर्मेन्द्र सिंह, तिलकधारी सिंह, मनुभद्र सिंह, सुनील सिंह, सुजीत सिंह, शोभनाथ, सतीश कुमार मिश्र, रामअचल यादव, शिवपूजन पांडेय, इन्द्रमणि दुबे, रण विजय सिंह, देव प्रकाश तिवारी और गिरजा प्रसाद मिश्र ने जमानत अर्जी प्रस्तुत की। इस पर सुनवाई के बाद कोर्ट ने सभी को जमानत पर रिहा कर दिया।
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