स्वामी आनंद गिरि पर बाघंबरी गद्दी और हनुमान मंदिर से अर्जित धन घर भेजने का भी आरोप है।निरंजनी अखाड़े के सचिव महंत रविंद्रपुरी के मुताबिक अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद अध्यक्ष श्रीमहंत नरेंद्र गिरि का पंच परमेश्वरों को पत्र मिला था। पत्र में संत आनंद गिरि के संन्यास परंपरा के उल्लंघन की शिकायत की गई थी। इसके बाद अखाड़े के पंच परमेश्वरों से इस प्रकरण की जांच कराई गई। जांच में आनंद गिरि के पारिवारिक संबंधों का खुलासा होने के साथ ही हनुमान मंदिर से अर्जित धनराशि घर भेजने की पुष्टि हुई। सचिव महंत रविंद्रपुरी ने बताया कि पंच परमेश्वरों की जांच के बाद अखाड़ा कार्यकारिणी पदाधिकारियों की हरिद्वार के अष्टकौशल मायापुर में बैठक हुई। इसमें सर्वसम्मति से आनंद गिरि को अखाड़ा से बाहर करने का प्रस्ताव पारित हुआ। इस संबंध में आनंद गिरि से फोन और व्हाट्सएप पर संपर्क साधा गया, लेकिन उनका पक्ष नहीं मिल सका।