कैंट के राजापुर में रहने वाले महिला इंस्पेक्टर के पति की संदिग्ध हाल में मौत हो गई। उनका शव घर के ही एक कमरे में फांसी पर लटका मिला। सुबह घरवाले नींद से जगे तो उन्हेें घटना की जानकारी हुई। दोपहर बाद हरदोई में तैनात पत्नी भी पहुंच गई। पुलिस का कहना है कि घरवालों का कहना है कि उन्होंने फांसी लगाई। लेकिन फिलहाल वह स्पष्ट वजह नहीं बता पा रहे हैं। जांच की जा रही है।
राजापुर में रहने वाले अयोध्या त्रिपाठी बीएसएनएल से रिटायर हैं। उनके तीन बेटों में दूसरे नंबर के अरविंद त्रिपाठी (46) कचहरी में सीनियर अधिवक्ता के अधीन रहकर वकालत करते थे। उनकी पत्नी श्वेता त्रिपाठी पुलिस विभाग में इंस्पेक्टर हैं और वर्तमान में हरदोई कोतवाली में तैनात हैं। पुलिस के मुताबिक, रविवार रात करीब एक बजे अरविंद ने तबियत ठीक न होने की बात बताई। जिसके बाद भाई घनश्याम उन्हें लेकर पास के ही अस्पताल पहुंचे। वहां डॉक्टर ने इंजेक्शन लगाने के साथ ही कुछ दवाएं देकर उन्हें घर भेज दिया। जिसके बाद वह पिता के साथ ही एक एक कमरे में सो गए।
सुबह घनश्याम नींद से जगे तो अरविंद दिखाई नहीं दिए। इसी दौरान वह भीतर की ओर बने कमरे की तरफ गए तो वहां का नजारा देखकर चीख पड़े। अरविंद फांसी पर लटके हुए थे। शोरगुल पर आसपास के लोग जुट गए। सूचना पर कैंट पुलिस भी पहुंची और शव को फंदे से नीचे उतारा। पूछताछ के बाद शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। पुलिस के मुताबिक, घरवालों का कहना है कि उन्होंने खुदकुशी की। हालांकि वह इसकी वजह नहीं बता सके। दोपहर बाद पत्नी श्वेता भी पहुंच गई। थाना कैंट प्रभारी बृजेश गौतम ने बताया कि फांसी लगाने की बात घरवाले बता रहे हैं। लेकिन अभी वजह नहीं सामने आई है। जांच पड़ताल की जा रही है।
कमरे में मिला सुसाइड नोट
सूत्रों की मानें तो जांच पड़ताल के दौरान पुलिस को मृतक के कमरे से सुसाइड नोट मिला है। पर्चीनुमा कागज में लिखा है‘ मैं अपनी जिंदगी से ऊबकर यह कदम उठा रहा हूं। अपनी मौत का जिम्मेदार मैं खुद हूं।’ पुलिस का कहना है कि इस बात की जांच कराई जाएगी कि लिखाई उन्हीं की है या नहीं। पत्नी से भी पूछताछ की जाएगी।
पांच महीने से रह रहे थे यहां
पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में परिजनों ने बताया है कि अरविंद करीब पांच महीने से यहां पिता व भाइयों के साथ रह रहे थे। उनकी दो बेटियां हैं जिनमें से एक 12 व दूसरी आठ साल की है। उधर घटना से परिवार के लोगों को गहरा सदमा पहुंचा है।