मोतीलाल नेहरू राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एमएनएनआईटी) में विद्युत अभियंत्रण विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर एम. वेंकटेश नायक ने संस्थान प्रशासन पर उत्पीड़न एवं पक्षपात का आरोप लगाया है। मंगलवार को प्रेसवार्ता में उन्होंने कहा कि दस्तावेज में हेरफेर करके फंसाया गया है। सेवा नियमावली का पालन न करने समेत कई आरोपों में डॉ. वेंकटेश को निलंबित कर दिया गया है। इसी क्रम में प्रेस काॅन्फ्रेंस में डॉ.वेंकटेश ने आरोप लगाया कि उन्होंने 2023 में ही असिस्टेंट प्रोफेसर हो जाना चाहिए था लेकिन अब तक प्रमोशन नहीं हुआ।
पीएचडी स्कॉलर भी एलाॅट नहीं किए गए है। डॉ. वेंकटेश का कहना था कि उन पर पेन कैमरा से रिकॉर्डिंग करने का आरोप निराधार है। उन्होंने निलंबन एवं अन्य कार्रवाई रद्द करने, जाति आधारित सुरक्षा प्रदान करने समेत मांगें उठाईं। इसके विपरीत संस्थान प्रशासन ने डॉ.वेंकटेश के सभी आरोपों को गलत बताया है। रजिस्ट्रार डॉ. अबक राय का कहना है कि वह अपने विभाग में सहयोग नहीं कर रहे थे। संकाय सदस्यों से तर्क-विर्तक, लड़ाई एवं अन्य विवाद संबंधित शिकायतें मिल रही थीं।
हाॅल ही में विभागीय बैठक के दौरान बिना किसी सूचना के वे पेन कैमरे से रिकॉर्डिंग करते हुए पाए गए। कई अन्य आरोप भी हैं। इसलिए संस्थान प्रशासन को विभाग की सुरक्षा, छात्रों के कल्याण तथा इस गतिरोध को सुलझाने के लिए निलंबन का फैसला लेना पड़ा। रजिस्ट्रार ने बताया कि इनके खिलाफ फैक्ट फाइंडिंग कमेटी गठित थी जिसने रिपोर्ट दे दी है। प्रशासकीय परिषद की बैठक में रखा जाएगा।