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UP : निलंबित आईपीएस मणिलाल पाटीदार एक दिन की कस्टडी रिमांड पर, एसपी क्राइम कर रहे हैं विवेचना

Sun, 30 Oct 2022 12:42 AM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

महोबा में एसआईटी क्रशर कारोबारी इंद्रकांत त्रिपाठी की मौत के मामले में पाटीदार से पूछताछ करेगी। वह कारोबारी को आत्महत्या के लिए मजबूर करने के मामले में आरोपी है। गौरतलब है कि दो साल से फरार पाटीदार ने 15 अक्तूबर को लखनऊ कोर्ट में सरेंडर किया था।
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निलंबित आईपीएस मणिलाल पाटीदार - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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निलंबित आईपीएस मणिलाल पाटीदार को शनिवार को एसआईटी ने एक दिन की कस्टडी रिमांड पर ले लिया। प्रयागराज के एसपी क्राइम सतीश चंद के नेतृत्व में उसके खिलाफ दर्ज मामले की अग्रिम विवेचना में जुटी एसआईटी उन्हें लेकर देर रात महोबा पहुंच गई। 

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महोबा में एसआईटी क्रशर कारोबारी इंद्रकांत त्रिपाठी की मौत के मामले में पाटीदार से पूछताछ करेगी। वह कारोबारी को आत्महत्या के लिए मजबूर करने के मामले में आरोपी है। गौरतलब है कि दो साल से फरार पाटीदार ने 15 अक्तूबर को लखनऊ कोर्ट में सरेंडर किया था। जिसके बाद उसे जेल भेजा गया था। 


एसपी क्राइम सतीश चंद ने बताया कि कोर्ट की अनुमति से मामले की अग्रिम विवेचना की जा रही है।  इसी संबंध में पाटीदार को कस्टडी रिमांड पर लिया गया है। मुकदमे के संबंध में पूछताछ की जाएगी। 
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उधर इससे पहले विशेष न्यायाधीश लोकेश वरुण ने पाटीदार को एक दिन के लिए पुलिस कस्टडी रिमांड पर दिए जाने का आदेश दिया। पुलिस ने आरोपी पाटीदार को 29 अक्तूबर की शाम छह बजे से हिरासत में लिया है। 30 अक्तूबर की शाम छह बजे तक उससे पूछताछ की जाएगी।    

बिना गिरफ्तारी के दाखिल की थी चार्जशीट
20 अक्तूबर 2020 को जोनल एसआईटी गठित कर क्रशर प्लांट कारोबारी की मौत के मामले में दर्ज मुकदमे की विवेचना सौंपी गई थी। दो सदस्यीय जोनल एसआईटी में प्रयागराज में तैनात रहे तत्कालीन एसपी क्राइम आशुतोष मिश्र को मुख्य विवेचक बनाया गया था। उनके तबादले के बाद वर्तमान एसपी क्राइम सतीश चंद ने विवेचना शुरू की थी। एसआईटी ने कुर्की की कार्रवाई भी की लेकिन पाटीदार का कुछ पता नहीं चला था। लगभग दो साल तक धूल फांकने के बाद भी पाटीदार हाथ नहीं आए, जिसके बाद उनके खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर दी गई थी। अब कोर्ट की अनुमति से मामले की अग्रिम विवेचना की जा रही है। 
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परिजनों ने लगाए थे आरोप, तब हुआ था गठन
विवेचना जोनल एसआईटी को सौंपने का निर्णय रेंज एसआईटी पर मृतक कारोबारी के परिजनों की ओर से सवाल उठाए जाने के बाद लिया गया था। गौरतलब है कि पहले विवेचना रेंज स्तर पर गठित एसआईटी कर रही थी। इसी दौरान मृतक कारोबारी के भाई और मुकदमा वादी रविकांत त्रिपाठी ने पत्र जारी कर विवेचना में जुटी रेंज एसआईटी की मंशा पर सवाल उठाए। आरोप लगाया गया कि एसआईटी की मंशा आरोपियों को गिरफ्तार करने की नहीं है। जिससे पूरा परिवार बेहद निराश व डरा हुआ है। परिवार ने आईजी चित्रकूट रेंज से यह भी अनुरोध किया कि विवेचना अन्यत्र से कराई जाए। मामला संज्ञान में आने के बाद उच्चाधिकारियों ने परिजनों से बात की। साथ ही उनकी सहमति पर विवेचना जोनल स्तर पर एसआईटी गठित की गई थी।
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