निराश्रित महिला पेंशन योजना में संभावित फर्जीवाड़े की आशंका के बीच महिला व बाल विकास विभाग ने जिले की करीब 1.05 लाख लाभार्थी महिलाओं का व्यापक सत्यापन अभियान शुरू कर दिया है।
विभाग को आशंका है कि कुछ मामलों में गलत दस्तावेजों के आधार पर योजना का लाभ लिया जा रहा है। इस कारण लाभार्थियों के अभिलेखों और उनकी वास्तविक स्थिति तक की पड़ताल की जा रही है।
महिला व बाल विकास विभाग की ओर से आर्थिक रूप से कमजोर निराश्रित महिलाओं को एक हजार रुपये प्रतिमाह पेंशन दी जाती है। यह धनराशि वर्ष में चार किस्तों के माध्यम से सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में भेजी जाती है।
योजना का लाभ लेने के लिए पति का मृत्यु प्रमाणपत्र, आय प्रमाणपत्र समेत अन्य आवश्यक दस्तावेज जमा करना अनिवार्य होता है।
हाल के दिनों में प्राप्त नए आवेदनों और कुछ शिकायतों की जांच के दौरान विभाग को अनियमितताओं की आशंका हुई। इसके बाद जिले में योजना से जुड़ी सभी लाभार्थियों का सत्यापन शुरू कराया गया है। कई मामलों में स्थानीय स्तर पर भी जानकारी जुटाई जा रही है।
जिला प्रोबेशन अधिकारी सर्वजीत सिंह ने बताया कि प्रयागराज जिले में वर्तमान समय में लगभग 1.05 लाख महिलाएं निराश्रित महिला पेंशन योजना का लाभ प्राप्त कर रही हैं।
सभी नए आवेदनों और संदिग्ध मामलों का नियमित सत्यापन कराया जा रहा है। हालांकि अभी तक फर्जीवाड़ा का एक भी मामला पकड़ में नहीं आया है।