बागपत ले जा सकती है पुलिस
सूत्रों का कहना है कि मामले में अभी तमाम सवालों के जवाब नहीं मिल सके हैं। मसलन पुलिस इस बात का पता नहीं लगा सकी है कि आरोपी महामंडलेश्वर कैलाशानंद के हरिद्वार स्थित आश्रम में क्यों गया था। अब तक यह भी नहीं पता चला है कि उसने दो आधार कार्ड कैसे और कहां से बनवाए। कस्टडी रिमांड के दौरान उनसे यही राज उगलवाने की कोशिश की जाएगी।
यह है मामला
बागपत निवासी विक्रम कुमार 23 दिसंबर को नैनी पुल के नीचे बने परी अखाड़े की त्रिकाल भवंता से मिलने आया था। आरोप है कि उसने खुद को योगेंद्र शर्मा बताया। उसके पास से दो आधार कार्ड, एक लैपटॉप व मोबाइल मिला था। इसके बाद उUPसके खिलाफ जाली दस्तावेज तैयार करने समेत अन्य धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की गई।