कर्जन पुल पर नहीं होगी भीड़
मोरबी की घटना के बाद फाफामऊ में गंगा नदी पर 1905 में बने कर्जन पुल की भी निगरानी बढ़ा दी गई है। क्षमता के अनुरूप ही पुल पर लोगों को प्रवेश दिया जाएगा। भीड़ एकत्रित नहीं होने दी जाएगी। इसे सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी एसीएम और सीओ को सौंपी गई है। 117 वर्ष पुराने कर्जन पुल पर ट्रेनों तथा बड़े वाहनों का आवागमन काफी पहले प्रतिबंधित कर दिया गया है लेकिन सुबह और शाम के समय पुल पर काफी लोग एकत्रित होते हैं। सुबह के समय टहलने वालों की भी बड़ी संख्या होती है।
कुंभ-2019 के दौरान पुल को विशेष तरीके से सजाया गया था। इसके अलावा उसे संग्रहालय के रूप में विकसित करने का निर्णय लिया गया है। इस बाबत आईआईटी रूड़की की मदद से पुल की क्षमता का आकलन भी किया जा चुका है। इस तरह की पहल के बाद पुल पर और भीड़ बढ़ने लगी है। ऐसे में मोरबी की घटना के बाद कर्जन पुल की निगरानी बढ़ा दी गई है। डीएम ने आदेश दिया है कि क्षमता के अनुरूप ही पुल पर लोगाें को जाने दिया जाए। किसी भी सूरत में क्षमता से अधिक लोग पुल पर न जाने पाएं। इसे सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी एसीएम और सीओ को दी गई है।