आगरा के समीप स्थित सूर सरोवर बर्ड सेंच्युरी को ईको सेंसटिव जोन घोषित किए जाने को लेकर हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार के पर्यावरण एवं वन मंत्रालय से जानकारी मांगी है। कोर्ट ने पूछा है कि इस संबंध में राज्य सरकार के प्रस्ताव पर केंद्र ने क्या निर्णय लिया है। जानकारी दो सप्ताह में उपलब्ध कराने को कहा है। डॉ. देवाशीष भट्टाचार्या की ओर से दाखिल जनहित याचिका में सेंच्युरी के पास 300 मीटर की दूरी पर लेदर पार्क के निर्माण को रोकने की मांग की गई है। याचिका पर न्यायमूर्ति दिलीप गुप्ता और न्यायमूर्ति आरएन कक्कड़ की खंडपीठ सुनवाई कर रही है।
याची का कहना है कि सुप्रीमकोर्ट के निर्देशानुसार सेंच्युरी से 10 किलोमीटर के क्षेत्र को ईको सेंसटिव जोन माना जाएगा। मगर राज्य सरकार ने मात्र एक किलोमीटर के क्षेत्र को ही सेंसटिव जोन घोषित करने का प्रस्ताव केेंद्र के पास भेजा है। सूर सागर बर्ड सेंच्युरी में 165 प्रजातियों के पक्षी रहते हैं। इसके पास लेदर पार्क और दूसरे उद्यम लगाने से पर्यावरण को गंभीर नुकसान पहुंचेगा। लेदर पार्क 65 एकड़ क्षेत्र में बनाने का प्रस्ताव है और इसमें 109 चर्म उद्योग लगाए जाएंगे। राज्य सरकार की ओर से अधिवक्ता मीनाक्षी सिंह ने और ताज ट्रैपोजियम की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता एमसी चतुर्वेदी ने पक्ष रखा। अपर सॉलीसिटर जनरल अशोक मेहता ने जवाब दाखिल करने के लिए दो सप्ताह का समय मांगा है।