डीएम मनीष कुमार वर्मा के निर्देश पर मंगलवार को 23 खंड विकास अधिकारियों ने जिले के 47 राजकीय पशु चिकित्सालयों का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण में अधिकांश चिकित्सालयों में मूलभूत सुविधाओं की कमी, साफ-सफाई की खराब व्यवस्था और आपातकालीन सेवाओं की कमी सामने आई है।
बमरौली, होलागढ़, मऊआइमा, प्रतापपुर, जंघई, लोहारी, धनूपुर, भड़ेवरा, बरौव, चिल्ला सहित कई पशु चिकित्सालयों में शौचालय, पेयजल और विद्युतीकरण जैसी बुनियादी सुविधाएं नहीं मिलीं। कहीं भवन जर्जर पाए गए तो कहीं छत से पानी टपकने की शिकायत सामने आई।
निरीक्षण की रिपोर्ट डीएम को सौंपी गई है। उन्होंने सभी कमियों को शीघ्र दूर करने के निर्देश दिए हैं। डीएम ने कहा कि पशु चिकित्सालयों में मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता और स्वच्छता सुनिश्चित करना अनिवार्य है।
आपातकालीन सेवा और अलग वार्ड की व्यवस्था नहीं
अधिकांश पशु चिकित्सालयों में बीमार और घायल पशुओं को अलग रखने की व्यवस्था नहीं मिली। कई चिकित्सालयों में आपातकालीन सेवाएं भी उपलब्ध नहीं मिलीं। कई स्थानों पर शल्य चिकित्सा और डायग्नॉस्टिक उपकरण भी नहीं थे। कई चिकित्सालयों में दवाओं का सुरक्षित भंडारण और उचित रजिस्टर (ओपीडी, टीकाकरण, स्टॉक बुक आदि) उपलब्ध नहीं मिला। कुछ जगहों पर डॉक्टर और फार्मासिस्ट भी अनुपस्थिति मिले।