मतदान मेें पड़े थे 1194, मतगणना में निकले 1213 वोट
चाका उर्फ चक गांव की प्रधानी के लिए 2021 मेें हुए चुनाव में कुल 1194 वोट डाले गए, लेकिन जब मतगणना हुई तो बैलेट बॉक्स से 1213 वोट निकल आए। मतगणना के बाद सुनील कुमार को 37 वोट से विजयी घोषित किया गया। रनरअप घोषित विजय बहादुर ने इसके खिलाफ एसडीएम कोर्ट में चुनाव याचिका दाखिल की। कोर्ट ने पाया कि एक पक्ष को लाभ पहुंचाने के लिए पुलिस का इस्तेमाल करके अन्य उम्मीदवारों को मतदान क्षेत्र के आस-पास से हटा दिया गया।
यही नहीं, पीठासीन अधिकारी की डायरी तक नहीं मिली, जबकि वह चुनाव प्रक्रिया का महत्वपूर्ण दस्तावेज है। इससे चुनाव परिणाम पर सवाल उठाते हुए एसडीएम कोर्ट ने दोबारा मतगणना के आदेश दे दिए। लेकिन, सुनील कुमार ने इसके खिलाफ हाईकोर्ट में दस्तक दी और फैसला उनके पक्ष में आ गया। इसके खिलाफ विजय बहादुर ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था।
फैसले में किया लिंकन से लेकर चर्चिल तक जिक्र
सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में अमेरिका के राष्ट्रपति रहे अब्राहिम लिंकन से लेकर ब्रिटेन के प्रधानमंत्री विंस्टन चर्चिल तक का उल्लेख किया। कहा, असली लोकतंत्र वही है, जहां सरकार जनता की, जनता के लिए और जनता के द्वारा चुनी जाती है। संसदीय प्रणाली में प्रतिनिधियों को चुनते वक्त हर नागरिक समान है, जबकि अन्य जगहों पर असमानता की खाई है। इसके चलते ही लैंगिक असमानता, दिव्यांगों के लिए जागरूकता और अवसरों में भेदभाव अक्सर देखने को मिलता है। हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि बराबरी सिर्फ संवैधानिक कार्रवाइयों से आती है। इससे तो बस ताकत प्रकट होती है। असमानता दूर करने के लिए वास्तव में सामाजिक क्रांति की जरूरत पड़ती है।