याची के अधिवक्ता का कहना था कि शुआट्स में किसी भी प्रकार के सरकारी अनुदान की कोई अनियमितता नहीं की गई है। विशेष संपरीक्षा में उठाई गई आपत्तियों के आधार पर एसटीएफ द्वारा शुआट्स के कुलाधिपति, कुलपति सहित अन्य अधिकारियों के खिलाफ प्रयागराज के नैनी थाने में सरकारी अनुदान के गबन का यह मुकदमा दर्ज कराया गया था। अधिवक्ता ने कहा कि शुआट्स द्वारा विशेष संपरीक्षा में उठाई गई समस्त आपत्तियों की अनुपालन आख्या प्रेषित की जा चुकी है।
तर्कों को सुनने के बाद इस मामले की सुनवाई कर रही सुप्रीम कोर्ट की खंडपीठ ने आरोपियों की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी। कोर्ट ने याचियों को भी आदेश दिया है कि वो पुलिस की विवेचना में सहयोग करेंगे।