इलाहाबाद विश्वविद्यालय के हॉस्टलों की आवंटन की व्यवस्था बदले जाने के बाद नया विवाद सामने आ गया है। समर हॉस्टल बनाए गए एएन झा छात्रावास पर बड़ी संख्या में अवैध छात्रों का फिर से कब्जा हो गया है। इस बाबत अधीक्षक ने चीफ प्रॉक्टर को सूचना दी है। अब इसे मुद्दा बनाकर बड़ी संख्या में छात्र वीसी दफ्तर के बाहर आमरण अनशन पर बैठे हैं। शनिवार को भी छात्रों का अनशन जारी रहा। कुछ छात्रों की तबीयत भी बिगड़ने लगी है। उनकी मांग है कि हॉस्टल आवंटन की पुरानी व्यवस्था लागू की जाए, जबकि विश्वविद्यालय प्रशासन अवैध छात्रों को हटाए जाने के नाम पर ही नई प्रक्रिया के तहत पाठ्यक्रमवार हॉस्टल आवंटन पर अड़ा है।
हॉस्टलों से वॉश आउट के बाद इविवि प्रशासन ने सभी हॉस्टलों में रहने वाले सभी शोधार्थियों को समर हॉस्टल के रूप में एएन झा छात्रावास आवंटित कर दिया था। तमाम शोधार्थियों के साथ उनके कमरे में अब अवैध छात्र भी रह रहे हैं। नई व्यवस्था में पाठ्यक्रमवार हॉस्टल आवंटन होना है। इसके तहत सभी शोधार्थियों को एएन झॉ छात्रावास आवंटित किया जा रहा है। उधर, हॉस्टल के अधीक्षक ने चीफ प्रॉक्टर को सूचना दी है कि हॉस्टल में 100 से अधिक अवैध छात्रों का भी कब्जा हो गया है। आमरण अनशन पर बैठे तमाम हॉस्टलों के छात्रों का कहना है कि इविवि प्रशासन को व्यवस्था बदलने के बजाय हॉस्टलों में नियमित रूप से रेड डालनी चाहिए। इविवि प्रशासन अगर हॉस्टल वॉश आउट करा सकता है तो अवैध छात्रों को हटाने में क्या दिक्कत है।
छात्रों का कहना है कि मौजूदा स्थिति में व्यवस्था बदलाव के बाद भी कोई सुधार होता नजर नहीं आ रहा, बल्कि इससे एएन झा समेत अन्य हॉस्टलों में रहने वाले छात्रों की प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारियों पर असर पड़ेगा। साथ ही विश्वविद्यालय प्रशासन उन लोगों को नियमित रूप से एएन झा हॉस्टल आवंटित कर देगा, जिनकी वजह से वहां कब्जा हुआ है। उधर, चीफ प्रॉक्टर प्रो. रामसेवक दुबे का कहना है कि उन्हें अधीक्षक से अवैध कब्जे की सूचना मिली है। जल्द ही एएन झा पर रेड डालकर अवैध छात्रों को वहां से हटाया जाएगा। हॉस्टल आवंटन हर हाल में पाठ्यक्रमवार ही होगा। आवंटन प्रक्रिया पूरी होने के बाद हर हफ्ते हॉस्टलों में जांच की जाएगी। अवैध छात्रों का कब्जा न हो, इसके लिए सीसी टीवी कैमरे, बायोमैट्रिक मशीन समेत कई व्यवस्थाएं की जा रही हैं।