जहर खाकर खुदकुशी करने वाले अधिवक्ता की शंकरगढ़ थाने में बरामदगी के दौरान पुलिस वालों के साथ फोटो
- फोटो : NAINI
शंकरगढ़ के नारीबारी इलाके के रहने वाले अधिवक्ता हरिकेश सिंह उर्फ हरिकृष्ण सिंह (30) ने शुक्रवार की सुबह खुदकुशी कर ली। हरिकेश ने खुद के अपहरण की साजिश रची थी। सर्विलांस से पुलिस ने हरिकेश की लोकेशन का पता लगाकर उन्हें सतना से बरामद किया था। उन्हें बृहस्पतिवार को परिजनों के सुपुर्द किया गया था। इसके बाद से ही गांववाले इस बात को लेकर ताना मार रहे थे कि उन्होंने अपने तीन चाचा के खिलाफ झूठा मुकदमा दर्ज करवा दिया। संभवत: इसी ग्लानि में उन्होंने आत्महत्या कर ली।
मझियारी लकोसा गांव निवासी हरिकृष्ण उर्फ हरिकेश सिंह जनपद न्यायालय में वकालत करते थे। उनके पिता जगदीश सिंह का अपने भाइयों से 28 बीघे जमीन को लेकर विवाद चल रहा है। 29 जुलाई को हरिकेश सिंह घर से सुबह कचहरी के लिए निकले थे। रात में आठ बजे तक नारीबारी में दिखे, लेकिन वह घर नहीं पहुंचे। मंगलवार को सुबह गांव के समीप सड़क के किनारे उनका कोट पड़ा मिला था। पिता जगदीश सिंह ने अपने भाइयों पर शक जताते हुए हरिकेश के अपहरण का मुकदमा दर्ज करा दिया। हरिकेश के चाचा अवधेश कुमार, कमल नारायण, भाईलाल और अवधेश के बेटे मुकेश व कमल के साले को नामजद किया गया था। अधिवक्ता के अपहरण की सूचना से हड़कंप मच गया। क्राइम ब्रांच की एक टीम लगाई गई। अधिवक्ता समेत सभी मुख्य संदिग्धों के नंबर सर्विलांस पर लगा दिए।
बुधवार की रात करीब दस बजे हरिकेश ने अपनी पत्नी को फोन किया तो पुलिस ने तुरंत लोकेशन पता लगा ली। पुलिस की एक टीम ने सतना स्टेशन के पास दबिश दी और तड़के हरिकेश को बरामद कर लिया गया। बयान से तय हो गया कि उन्होंने विपक्षियों को फंसाने के लिए खुद के अपहरण की साजिश रची थी। पुलिस अधिकारियों ने लंबी पूछताछ के बाद उन्हें शाम को पिता जगदीश के हवाले कर दिया। झूठे मामले के लिए पुलिस अधिकारियों ने भी अधिवक्ता को फटकारा था। गांववाले भी ताना दे रहे थे। हरिकेश डिप्रेशन की अवस्था में आ गए थे। रात भर लोग उनके साथ में ही थे, ताकि कहीं वह आत्महत्या न कर लें। सुबह सब अपनी दिनचर्या में लग गए। इसी दौरान हरिकेश ने जहर खा लिया और बिस्तर पर लेट गए। पत्नी ने देखा कि उनके मुंह से झाग निकल रहा है। परिवार वाले उन्हें लेकर अस्पताल के लिए निकले लेकिन रास्ते में ही उनकी मौत हो गई।
घर में मचा कोहराम, पत्नी अचेत
नारीबारी। अधिवक्ता हरिकेश सिंह की खुदकुशी से घर में कोहराम मच गया। लोगों की बातों से उन्हें इतनी ग्लानि हुई कि उन्होंने आत्महत्या कर ली। पत्नी वंदना सिंह तो रो रोकर बेहोश हो गईं। उनकी दो बेटियां जाह्नवी (4) और गुड़िया (1) हैं। दो भाइयों में बड़े हरिकेश सिंह के छोटे भाई का नाम छोटू है। उनका चाचाओं से 28 बीघे जमीन को लेकर विवाद चल रहा है। कुछ महीने पहले हरिकेश, उनके पिता जगदीश और छोटे भाई छोटू के खिलाफ न्यायालय के आदेश पर धोखाधड़ी का मुकदमा भी दर्ज कराया गया था, जिसकी विवेचना चल रही है।