फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

तीन हत्या के बाद खुदकुशी: पुलिस नहीं ढूढ़ पाई फौजी के खौफनाक कारनामें की वजह 

Mon, 18 May 2020 12:40 AM IST
विनोद सिंह न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
विज्ञापन
prayagraj news - फोटो : prayagraj
विज्ञापन

सीआरपीएफ ग्रुप सेंटर में तीन हत्याओं के बाद जवान की खुदकुशी मामले में पुलिस दूसरे दिन भी वजह नहीं ढूढ़ पाई। थरवई पुलिस यही कहती रही कि जांच पड़ताल की जा रही है। उधर वारदात में प्रयुक्त असलहे का रहस्य भी कायम रहा। पुलिस इसे लाइसेंसी तो बताती रही लेकिन लाइसेंस नहीं खोज सकी। 

विज्ञापन


सीआरपीएफ जवान विनोद कुमार यादव ने एक दिन पहले अपनी पत्नी, बेटे व बेटी को गोली मारने के बाद खुद को भी गोली से उड़ा लिया था। जांच पड़ताल में सामने आया था कि परिसर में ही रहने वाली महिला ने उस पर छेड़छाड़ का आरोप लगाकर शिकायत की थी। जिस पर उसके खिलाफ जांच चल रही थी। हालांकि घटना की वजह स्पष्ट नहीं हो सकी थी।

रविवार को दूसरे दिन भी पुलिस इस मामले में आगे नहीं बढ़ सकी। मृतक जवान ने किस वजह से इतना बड़ा कदम उठाया, इस बारे में पुलिस कुछ बता नहीं सकी। सीआरपीएफ अफसर यही कहते रहे कि मामले की जांच पुलिस कर रही है।
विज्ञापन


उधर थरवई एसओ भुवनेश चौबे ने बताया कि घटनास्थल पर मौजूद चारों लोगों की मौत हो चुकी है। मकान शनिवार को ही सील कर दिया था। रविवार को सीआरपीएफ अफसरों के कार्यालय बंद थे, ऐसे में उनसे बात नहीं हो सकी। सोमवार को एक बार फिर वहां जाकर जांच पड़ताल की जाएगी। उधर वारदात में प्रयुक्त रिवॉल्वर का लाइसेंस भी अब तक नहीं बरामद हुआ। बता दें कि जांच में एक दिन पहले सामने आया था कि रिवॉल्वर कानपुर ऑर्डनेंस फैक्ट्री निर्मित है और यह 2020 में ही खरीदी गई।

prayagraj news - फोटो : prayagraj

पिता ने लगाया हत्या का आरोप

उधर मृतक जवान के पिता बालमुकुंद यादव ने रविवार को आरोप लगाया कि उनके बेटे व अन्य परिजनों की हत्या हुई। उनका कहना था कि मौके पर 14 गोलियां चलीं। क्या यह अकेला व्यक्ति कर सकता है। उनका यह भी कहना है कि वह इस मामले में सोमवार को सीआरपीएफ अफसरों से मिलेंगे। 

अफसर भी आ गए थे दहशत में 

एक दिन पहले हुई वारदात की सूचना पर पहुंचे अफसर भी दहशत में आ गए थे। दरअसल मृतक के क्वार्टर में तीन दरवाजे थे और वारदात के वक्त तीनों ही बंद थे। सीआरपीएफ अफसर दो दरवाजे तोड़कर भीतर गए तो एक कमरे में जवान की पत्नी, बेटे व बेटी के शव मिले। उधर सबसे भीतर वाले कमरे में जाकर जवान ने दरवाजा भीतर से बंद कर लिया था। पत्नी व बच्चों को गोलियों से छलनी देख अफसर भी दहशत में आ गए। जिसके बाद बुलेटप्रूफ जैकैट से लैस कर चार जवानों को दरवाजे के ठीक सामने खड़ा कराया गया। तब तक पुलिस भी आ गई और फिर पुलिस के सामने ही पहले दरवाजे में सुराख कराया गया। सुराख से  देखने पर जवान फंदे पर लटका मिला तब दरवाजा तोड़ा गया।
विज्ञापन

prayagraj news - फोटो : prayagraj

महिला समेत परिवार कहीं और शिफ्ट

उधर चर्चा रही कि परिवार की हत्या और सीआरपीएफ जवान की खुदकुशी के बाद रविवार को उस पर छेड़खानी का आरोप लगाने वाली महिला परिवार समेत कहीं और शिफ्ट हो गई। बताया जा रहा है कि उसका पति रात में ही ही घर आया और फिर परिवार को लेकर कहीं और शिफ्ट हो गया। हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी। 
मर्चरी पहुंचे 17 जवान क्वारंटीन

सीआरपीएफ जवान विनोद कुमार यादव व उसके पत्नी-बच्चों के शव के पोस्टमार्टम के दौरान मर्चरी पहुंचे 17 जवान शाम को ही क्वारंटीन कर दिए गए। दरअसल कहा जा रहा है कि जिस वक्त जवान व उसके परिजनों के शव का पोस्टमार्टम हुआ, उसके ठीक बाद वहां लालापुर से लाए गए शव का पोस्टमार्टम हुआ।

जिसकी कोराना जांच रिपोर्ट बाद में पॉजिटिव आई। इस बात की जानकारी के बाद ही मर्चरी पहुंचे 17 जवानों को भी सीआरपीएफ ग्रुप सेंटर में क्वारंटीन कराया गया। हालांकि अफसरों का कहना है कि उनके यहां बाहर से आने वाले व्यक्ति को एहतियातन क्वारंटीन कर दिया जाता है और इसी के तहत ऐसा किया गया।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें