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Prayagraj: यूपी-एमपी सीमा पर जुटे हजारों मजदूर, बैरिकेडिंग तोड़ी

Mon, 18 May 2020 12:30 AM IST
विनोद सिंह न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
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prayagraj news - फोटो : prayagraj
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शंकरगढ़ स्थित नारीबारी में यूपी-एमपी बॉर्डर पर बाहर से आ रहे प्रवासी मजदूरों को रोके जाने के बाद रविवार को जमकर हंगामा हुआ। हजारों की संख्या में जमा मजदूरों ने न सिर्फ बैरिकेडिंग तोड़ दी बल्कि प्रदेश की सीमा में प्रवेश भी कर गए। उनका आरोप था कि बसों से भेजे जाने की बात कहकर उन्हें घंटों बॉर्डर पर ही भूखे प्यासे रोके रखा गया। हालांकि, पुलिस ने बैरिकेडिंग तोड़े जाने की बात से इंकार किया।

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औरैया में हादसे के बाद शासन की ओर से निर्देश जारी किया गया था कि पैदल, ट्रकों से आ रहे प्रवासी मजदूरों को सीमा पर ही रोका जाए। स्वास्थ्य जांच व भोजन उपलब्ध कराने के बाद उन्हें बसों से सुरक्षित तरीके से आगे भेजा जाए ताकि औरैया जैसा हादसा फिर न हो। इस आदेश के बाद जिले में भी शंकरगढ़ के नारीबारी स्थित यूपी-एमपी बॉर्डर पर बैरिकेडिंग कर आवागमन रोक दिया गया।

पैदल, ट्रकों व अन्य वाहनों से आ रहे मजदूरों को रोककर वाहनों से उतार दिया गया। उनसे कहा गया कि शासन के निर्देश के तहत ऐसा किया जा रहा है। यह भी बताया गया कि उन्हें बसों से सुरक्षित तरीके से आगे भेजा जाएगा। सीमा सील किए जाने के बाद शनिवार शाम तक वहां हजारों की संख्या में मजदूर जमा हो चुके थे। रात में बसें पहुंचीं तो मजदूरों को उसमें बैठाकर आगे के लिए रवाना किए जाने की शुरुआत हुई।

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prayagraj news - फोटो : prayagraj
हालांकि मजदूरों का आरोप था कि उनकी संख्या की तुलना में बसें बहुत कम थीं, ऐसे में घंटों इंतजार के बावजूद भी बड़ी संख्या में मजदूर सुबह तक रवाना नहीं हो सके। रविवार भोर में पांच बजेेेेे के करीब उनके सब्र का बांध टूट गया और वह बैरिकेडिंग तोड़कर आगे बढ़ गए। इससे संबंधित एक वीडियो भी वायरल हुआ। जिसमें मजदूर बैरिकेडिंग तोड़कर आगे बढ़ते दिखाई दे रहे हैं।

वीडियो में आक्रोशित मजूदर यह भी आरोप लगाते दिखाई दे रहे हैं कि वह भूखे-प्यासे कई घंटों से बॉर्डर पर खड़े हैं लेेकिन न उनके लिए पानी का इंतजाम है और न ही खाने का। पुलिसवाले सिर्फ आश्वासन दे रहे हैं। इस मामले में शंकरगढ़ एसओ वेदप्रकाश पांडेय से बात की गई तो उन्होंने बैरिकेडिंग तोड़े जाने की बात से इंकार किया।

उनका कहना है कि मजदूरों को ले जाने के लिए आई बसों को बॉर्डर से कुछ दूरी पर खड़ा कराया जा रहा था। ऐसे में जैसे ही बसें आतीं, पहले बैठने के लिए मजदूर दौड़ जा रहे थे। इसी दौरान बैरियर गिर पड़े। कहीं भी कोई कठिनाई नहीं आई और मजदूरों को सुगमता से बसों के जरिए आगे के लिए रवाना किया गया।

लाठियां चलाने की भी चर्चा, पुलिस बोली एमपी की घटना

बॉर्डर पर जमा मजदूरों के ऊपर लाठियां चलाए जाने की भी चर्चा रही। जिसका एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। लेकिन एसओ ने इससे भी इंकार किया। उनका कहना था कि लाठीचार्ज संबंधी जो वीडियो है वह बॉर्डर से एक किमी अंदर एमपी सीमा क्षेत्र की घटना है। उनके क्षेत्र में किसी पर लाठी नहीं चलाई गई।
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