इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बायोमीट्रिक टेस्ट के मिलान में गड़बड़ी पाए जाने पर हटाये गये दरोगाओं को सवेतन बहाल करने का आदेश दिया है। मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति अजित कुमार की अदालत ने की है।
मेरठ, शाहजहांपुर, बरेली, फिरोजाबाद, गोरखपुर, अलीगढ़ एवं बलिया के याचिकाकर्ताओं की ओर से दाखिल अर्जी पर अधिवक्ता ने दलील दी कि याचियों को सेवा से निकालने से पहले विभागीय जांच नहीं कराई गई थी। मामला दरोगा भर्ती 2021 से जुड़ा है। फरवरी 2023 घोषित परिणाम में सफल हुए अभ्यर्थियों को नियुक्ति प्रदान कर मार्च 2023 में प्रशिक्षण पर भेजा गया था। इसके बाद सभी को तैनाती दी गई। भर्ती बोर्ड ने 27 अक्टूबर 2024 को सभी दरोगाओं का चयन यह कहते हुए निरस्त कर दिया था कि उन्होंने स्वयं लिखित परीक्षा नहीं दी है। उनके अंगूठे के निशान का मिलान नहीं हो रहा है। याचिकाकर्ताओं में गौरव कुमार, रोहित कुमार, सुधीर कुमार गुप्ता, निर्भय सिंह, ज्योति आदि शामिल थे।