सिविल लाइंस में शनिवार रात करीब आठ बजे उस वक्त हड़कंप मच गया जब एक दरोगा ने चौकी के भीतर आत्मदाह का प्रयास किया। उसने खुद पर पेट्रोल छिड़क लिया जिससे वहां मौजूद अन्य पुलिसकर्मियों के हाथ-पांव फूल गए। बहुत समझाकर उसे शांत कराया गया। आरोप है कि आरटीआई के तहत खुद के संबंध मेें जानकारी मांगे जाने पर उसने यह कदम उठाया।
घटना सुभाष चौराहा पुलिस चौकी मेें रात करीब आठ बजे हुई। थाने में तैनात दरोगा मो. कलीम चौकी में कुछ लोगों के साथ बैठकर बात कर रहा था। इसी दौरान अचानक दोनों पक्ष उग्र हो उठे और उनमें बहस होने लगी। प्रत्यक्षदर्शियों की मानें तो अचानक दरोगा ने आत्मदाह की नीयत से खुद पर पेट्रोल छिड़क लिया। यह देख वहां मौजूद अन्य दरोगाओं के हाथ-पांव फूल गए। उधर चौकी के आसपास भीड़ लग गई। उन्होंने बहुत समझाया तब जाकर दरोगा शांत हुआ। उधर तब तक दूसरा पक्ष वहां से निकल गया।
सूत्रों की मानें तो कौशाम्बी के रहने वाले एक कथित मीडियाकर्मी ने सूचना के अधिकार के तहत आवेदन देकर दरोगा के बारे में आय समेत कई बिंदुओं पर जानकारी मांगी है। जिससे दरोगा काफी परेशान था और इसे लेकर ही उसने यह कदम उठाया। मामले की जानकारी मिलने पर सिविल लाइंस थाने में हड़कंप मच गया। थाने से प्रभारी समेत अन्य पुलिसकर्मी भी पहुंच गए और उसे समझाया। जिसके कुछ देर बाद दरोगा वहां से चला गया। प्रभारी धीरेंद्र सिंह का कहना था कि दरोगा किसी बात को लेकर परेशान थे जिसके बाद उन्होंने यह कदम उठाया। उधर सीओ आलोक मिश्रा ने घटना की जानकारी से ही इंकार कर दिया।
चौकी के भीतर हुई इस घटना से कई सवाल भी खड़े हो रहे हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर चौकी के भीतर पेट्रोल कहां से आया। क्या दरोगा इसे लेकर पहुंचा था या यहां पहले से पेट्रोल रखा था। अगर दरोगा पेट्रोल लेकर आया तो मौके पर मौजूद अन्य दरोगाओं ने उसी वक्त उसे क्यों नहीं टोका। एक सवाल यह भी है कि आखिर दूसरे पक्ष को चौकी में किसने और क्यों बुलाया था। साथ ही घटना के बाद वह कैसे आराम से चला गया।
प्रत्यक्षदर्शियों की मानें तो घटना की सूचना पर मीडियाकर्मी पहुंचे तो वहां जार्जटाउन थाने का दरोगा इंदल यादव मौजूद था। आरोप है कि मीडियाकर्मियों ने जानकारी चाही तो उसने अभद्रता भी की। सवाल यह है कि आखिर किसी अन्य थाने का दरोगा उस वक्त चौकी में क्या कर रहा था। साथ ही वह सिविल लाइंस चौकी में तैनात दरोगा को यह कहता रहा कि मामले की जानकारी किसी को न दी जाए। अब सवाल यह है कि आखिर अपनी ड्यूटी छोड़कर वह आखिर किसी और थाना क्षेत्र में क्या कर रहा था।
दरोगा अपने बारे में आरटीआई के तहत कुछ व्यक्तिगत जानकारी मांगे जाने से परेशान था और इसीलिए उसने यह कदम उठाया। दोनों पक्षों को बुलाया गया था जिसके बाद उनमें समझौता हो गया।
अतुल शर्मा, एसएसपी