लाठीचार्ज से भड़के छात्र संगठन, जगह-जगह प्रदर्शन
रेलवे भर्ती के अभ्यथियों पर पुलिस की कार्रवाई से छात्र संगठन भड़के हुए हैं। आइसा, एनएसयूआई, दिशा छात्र संगठन, नौजवान सभा, युवा मंच, प्रतियोगी छात्र संघर्ष समिति, प्रतियोगी छात्र मोर्चा समेत तमाम छात्र संगठनों ने इन घटनाओं की निंदा की है और बेरोजगारी के खिलाफ अपना आंदोलन जारी रखने का निर्णय लिया है। इस मुद्दे पर छात्रों ने 26 एवं 27 जनवरी को शहर में अलग-अलग जगह विरोध प्रदर्शन भी किया।
इलाहाबाद विश्वविद्यालय के छात्रसंघ भवन पर विभिन्न छात्र संगठनों ने बघाड़ा में हुए लाठीचार्ज और छात्रों पर दर्ज मुकदमे के विरोध में प्रदर्शन किया। आईसीएम, आइसा, एसएफआई, दिशा छात्र संगठन, डीवाईएफआई, समाजवादी छात्रसभा, नौजवान भारत सभा के छात्रों ने कहा कि बघाड़ा में छात्रों को गलियों में दौड़ा-दौड़ाकर पीटा गया।
उनके लाज में घुस कर उन्हें मारा गया, दरवाजे-खिड़कियां तोड़ी गईं और 1500 से अधिक अज्ञात छात्रों पर मुकदमे दर्ज कर लिए गए। इस दौरान प्रतियोगी छात्र मोर्चे के नेता राजेश सचान और दो अन्य प्रतियोगी छात्रों को बिना किसी ठोस कारण के गिरफ्तार कर लिया गया है।
पुलिस का बर्बर दमन अलोकतांत्रिक
छात्रों ने कहा कि सरकार और पुलिस का बर्बर दमन पूरी तरह से अलोकतांत्रिक है और इसे किसी भी तरीके से स्वीकार नहीं किया जा सकता। छात्रों ने युवा मंच के संयोजक राजेश सचान को तत्काल रिहा किए जाने की मांग की है। प्रदर्शन में छात्र नेता मनीष, विवेक, नीशू, रामचंद्र, अखिल विकल्प्र सुनील, मसूद, जितेंद्र धनराज, अंशुरीश, विकास, देवेंद्र, पंकज, अविनाश आदि शामिल रहे।
एनएसयूआई के कार्यकर्ताओं ने पूर्वी यूपी के अध्यक्ष अखिलेश यादव के नेतृत्व में 26 जनवरी को छात्रसंघ भवन पर विरोध प्रदर्शन किया। साथ ही गणतंत्र दिवस की खुशियां मनाते हुए मिष्ठान का त्याग किया और प्रतियोगी छात्रों की लड़ाई का समर्थन किया। वहीं, आइसा समेत तमाम छात्र संगठनों ने गणतंत्र दिवस पर सिविल लाइंस स्थित पत्थर गिरजाघर के पास पुलिस की कार्रवाई के विरोध में प्रदर्शन एवं सभा की। उन्होंने छात्रों पर हमले के लिए जिम्मेदार प्रशासनिक अफसरों पर कार्रवाई की मांग भी की।