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प्रयागराज बवाल : छात्रों ने एसएसपी अजय कुमार के खिलाफ निर्वाचन आयुक्त को लिखा पत्र, प्रियंका गांधी ने छात्रों से की बात

Thu, 27 Jan 2022 10:06 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

प्रतियोगी छात्र संघर्ष समिति के अध्यक्ष अवनीश पांडेय ने मुख्य चुनाव आयुक्त पत्र लिखकर मांग की है कि शांतिपूर्वक तरीके से आंदोलन कर रहे छात्रों पर कार्रवाई के लिए जिम्मेदार एसएसपी के खिलाफ जांच कराई जाए और तत्काल कार्रवाई की जाए।
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Prayagraj Police - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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भर्तियों में भ्रष्टाचार और बेरोजगारी के खिलाफ संगम तट पर मुंडन करा रहे छात्रों की गिरफ्तारी और उसके बाद रेलवे भर्ती के विरोध में प्रयाग रेलवे स्टेशन के ट्रैक पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर हुए लाठीचार्ज के मामले में प्रतियोगी छात्रों ने प्रयागराज के एसएसपी अजय कुमार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। प्रतियोगी छात्रों ने एसएसपी के खिलाफ कार्रवाई के लिए मुख्य निर्वाचन आयुक्त को पत्र लिखा है और आरोप लगाया है कि एसएसपी भाजपा के एजेंट की तरह काम कर रहे हैं।

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प्रतियोगी छात्र संघर्ष समिति के अध्यक्ष अवनीश पांडेय ने मुख्य चुनाव आयुक्त पत्र लिखकर मांग की है कि शांतिपूर्वक तरीके से आंदोलन कर रहे छात्रों पर कार्रवाई के लिए जिम्मेदार एसएसपी के खिलाफ जांच कराई जाए और तत्काल कार्रवाई की जाए। अवनीश ने पत्र में लिखा है कि चुनाव आचार संहिता को ध्यान में रखते हुए सिर्फ दो प्रतियोगी छात्र संगम तट पर मुंडन कराने गए थे। कार्यक्रम शांतिपूर्ण तरीके से चल रहा था, इसके बावजूद पुलिस ने छात्रों को गिरफ्तार कर उनका चालान कर दिया। 


उसके बाद 25 जनवरी को एनटीपीसी की परीक्षा में धांधली का आरोप लगाकर रेलवे ट्रैक पर शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर लाठीचार्ज किया गया। यहां तक कि प्रतियोगी छात्र बहुल इलाके बघाड़ा में लॉज के भीतर घुसकर छात्रों को पुलिस ने पीटा।
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प्रतियोगी छात्र संघर्ष समिति के मीडिया प्रभारी प्रशांत पांडेय का कहना है कि अगर निर्वाचन आयोग ने अध्यक्ष ओर से भेजे गए पत्र का संज्ञान नहीं लिया और कोई कार्रवाई नहीं की तो प्रतियोगी छात्र न्यायालय की शरण में जाएंगे। प्रशांत का कहना है कि बिना एसएसपी के आदेश के पुलिस लाठीचार्ज नहीं करेगी और न ही लॉज में घुसकर छात्रों को पीटेगी।

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लाठीचार्ज से भड़के छात्र संगठन, जगह-जगह प्रदर्शन
रेलवे भर्ती के अभ्यथियों पर पुलिस की कार्रवाई से छात्र संगठन भड़के हुए हैं। आइसा, एनएसयूआई, दिशा छात्र संगठन, नौजवान सभा, युवा मंच, प्रतियोगी छात्र संघर्ष समिति, प्रतियोगी छात्र मोर्चा समेत तमाम छात्र संगठनों ने इन घटनाओं की निंदा की है और बेरोजगारी के खिलाफ अपना आंदोलन जारी रखने का निर्णय लिया है। इस मुद्दे पर छात्रों ने 26 एवं 27 जनवरी को शहर में अलग-अलग जगह विरोध प्रदर्शन भी किया।


इलाहाबाद विश्वविद्यालय के छात्रसंघ भवन पर विभिन्न छात्र संगठनों ने बघाड़ा में हुए लाठीचार्ज और छात्रों पर दर्ज मुकदमे के विरोध में प्रदर्शन किया। आईसीएम, आइसा, एसएफआई, दिशा छात्र संगठन, डीवाईएफआई, समाजवादी छात्रसभा, नौजवान भारत सभा के छात्रों ने कहा कि बघाड़ा में छात्रों को गलियों में दौड़ा-दौड़ाकर पीटा गया।


उनके लाज में घुस कर उन्हें मारा गया, दरवाजे-खिड़कियां तोड़ी गईं और 1500 से अधिक अज्ञात छात्रों पर मुकदमे दर्ज कर लिए गए। इस दौरान प्रतियोगी छात्र मोर्चे के नेता राजेश सचान और दो अन्य प्रतियोगी छात्रों को बिना किसी ठोस कारण के गिरफ्तार कर लिया गया है। 

पुलिस का बर्बर दमन अलोकतांत्रिक
छात्रों ने कहा कि सरकार और पुलिस का बर्बर दमन पूरी तरह से अलोकतांत्रिक है और इसे किसी भी तरीके से स्वीकार नहीं किया जा सकता। छात्रों ने युवा मंच के संयोजक राजेश सचान को तत्काल रिहा किए जाने की मांग की है। प्रदर्शन में छात्र नेता मनीष, विवेक, नीशू, रामचंद्र, अखिल विकल्प्र सुनील, मसूद, जितेंद्र धनराज, अंशुरीश, विकास, देवेंद्र, पंकज, अविनाश आदि शामिल रहे। 


एनएसयूआई के कार्यकर्ताओं ने पूर्वी यूपी के अध्यक्ष अखिलेश यादव के नेतृत्व में 26 जनवरी को छात्रसंघ भवन पर विरोध प्रदर्शन किया। साथ ही गणतंत्र दिवस की खुशियां मनाते हुए मिष्ठान का त्याग किया और प्रतियोगी छात्रों की लड़ाई का समर्थन किया। वहीं, आइसा समेत तमाम छात्र संगठनों ने गणतंत्र दिवस पर सिविल लाइंस स्थित पत्थर गिरजाघर के पास पुलिस की कार्रवाई के विरोध में प्रदर्शन एवं सभा की। उन्होंने छात्रों पर हमले के लिए जिम्मेदार प्रशासनिक अफसरों पर कार्रवाई की मांग भी की।
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प्रियंका गांधी - फोटो : ANI
प्रियंका ने कहा,‘ डरें नहीं, लॉज में रहकर पढ़ाई करें’
रेलवे भर्ती में धांधली का आरोप लगाकर प्रदर्शन कर रहे युवाओं पर हुए लाठीचार्ज के बाद कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी ने प्रयागराज के युवाओं से ऑनलाइन संवाद किया। उन्होंने छात्रों से कहा, ‘आप को डरने की जरूरत नहीं है। अपने लॉज को मत छोड़िए, अपने हॉस्टल मत छोड़िए, आप अपने कमरे में रहिए, पढ़ाई करिए और शांतिपूर्ण ढंग से अपनी आवाज उठाइए। मैं जब भी इलाहाबाद आऊंगी तो आप सभी से जरूर मुलाकात करूंगी।’


उन्होंने नौजवानों के रोजगार को लेकर भर्ती के विषय पर भी बात की। कहा कि आप सभी नौजवानों को चाहिए कि आप राजनीतिक दलों से रोजगार के मुद्दे पर सवाल करें और उनसे पूछें कि रोजगार को लेकर आपके पास क्या प्लान है। प्रियंका ने छात्रों से कहा कि हमारी सरकार बनी तो 20 लाख सरकारी पद भरे जाएंगे। हम आपके साथ खड़े हैं। मैं हर मंच और फोरम पर आपकी बात उठाऊंगी। प्रियंका ने आरोप लगाया कि सरकार नौकरी नहीं देती और दमन भी करती है। 


संवाद में शामिल रहे प्रदेश महासचिव विवेकानंद पाठक, एनएसयूआई पूर्वी यूपी के अध्यक्ष अखिलेश यादव, राज्य/केंद्रीय विश्वविद्यालय प्रमुख सत्यम कुशवाहा, पूर्व इकाई अध्यक्ष अभिषेक द्विवेदी ने बताया कि जब छात्रों के ऊपर पुलिसिया कार्रवाई हुई तो सबसे पहले प्रियंका गांधी ने ट्वीट करके सरकार को घेरने का काम किया। प्रियंका गांधी इस मुद्दे पर इतनी संवेदनशील थीं कि वह लगातार छात्रों का हालचाल ले रही थीं और पूरे प्रकरण पर नजर बनाए हुए थीं। प्रियंका गांधी ने संगठन के अपने लोगों के माध्यम से भी छात्रों का हालचाल ले रहीं थी।
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