वाणिज्य विभाग में वर्ष 2019 में शोध कार्य के लिए चयनित छात्र-छात्राओं ने प्रवेश दिए जाने की मांग को लेकर मंगलवार को कुलपति कार्यालय पर धरना-प्रदर्शन किया। इस दौरान हंगामा भी हुआ।
छात्र-छात्राएं मंगलवार सुबह इस मसले पर कुलपति से मिलने गए लेकिन कुलपति ने उनसे मिलने से इनकार कर दिया। इससे नाराज छात्र-छात्राओं ने कुलपति कार्यालय पर धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया और वहां तालाबंदी भी की। वहां हंगामे जैसी स्थिति रही। छात्रों का कहना है कि सत्र 2020-21 में प्रवेश के लिए इसी माह फॉर्म आ जाएंगे जबकि अभी तक तमाम विभागों में शोध में सत्र 2019-20 के छात्रों का ही प्रवेश अटका हुआ है। धरना-प्रदर्शन में अंग्रेजी विभाग के अभ्यर्थी भी शामिल थे, क्योंकि उन्हें भी पीएचडी में प्रवेश नहीं मिल सका है। छात्रों ने इस मसले पर मंगलवार को फैक्स के माध्यम से केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय और विश्वविद्यालय अनुदान आयोग को शिकायत भी भेजी। उधर, छात्रों के दूसरे गुट ने वाणिज्य विभाग में पीएचडी प्रवेश में धांधली का आरोप लगाते हुए इंटरव्यू पुन: कराए जाने की मांग की है और चेतावनी दी है कि अगर इविवि प्रशासन ने इस मसले पर जल्द ही निर्णय नहीं लिया तो आमरण अनशन करेंगे।