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छात्रों को पुलिस ने दौड़ा-दौड़ाकर पीटा

Sun, 08 Nov 2015 01:12 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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इलाहाबाद। छात्रवृत्ति की तिथि बढ़ाने की मांग को लेकर केपीयूसी छात्रावास के सामने चक्काजाम कर रहे इविवि के छात्रों पर पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया। शनिवार दोपहर प्रदर्शन कर रहे छात्रों को पुलिस ने दौड़ा-दौड़ाकर पीटा।
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जिसके चलते इविवि के आसपास भगदड़ मच गई। पुलिस ने आंदोलनकारी छात्रों को खदेड़कर पीटा। जिसमें कई छात्र घायल हो गए। पुलिस ने छात्रसंघ उपाध्यक्ष विक्रांत सिंह को जमकर लठियाया और पकड़कर थाने ले गई। छात्रसंघ उपाध्यक्ष के गिरफ्तारी की जानकारी होने पर सैकड़ों छात्र सड़क पर उतर आए। विरोध में इविवि मार्ग और कटरा बाजार बंद करवा दिया। आखिरकार विवि प्रशासन के हस्तक्षेप के बाद उपाध्यक्ष को छोड़ा गया।

इलाहाबाद विश्वविद्यालय के छात्र छात्रसंघ उपाध्यक्ष विक्रांत सिंह के नेतृत्व में शनिवार दोपहर छात्रवृत्ति की तिथि बढ़ाने के लिए छात्र प्रदर्शन कर रहे थे। छात्रों का आरोप है कि अंक सुधार परीक्षा के चलते तमाम छात्र फार्म नहीं भर पाए हैं। इससे तमाम जरूरतमंद छात्रवृत्ति से वंचित हो जाएंगे। इसके विरोध में छात्रों ने केपीयूसी छात्रावास के बाहर चक्काजाम कर दिया। प्रदर्शन में शामिल एबीवीपी से जुड़े छात्र प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर रहे थे।
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 चक्काजाम से सड़क के दोनों वाहनों की लंबी कतार लग गई। जाम की सूचना पर सीओ कर्नलगंज वीरेंद्र कुमार और कर्नलगंज इंस्पेक्टर सिद्धार्थ गौतम मौके पर पहुंचे। छात्रों से बातचीत कर जाम खुलवाना चाहा लेकिन बात नहीं बनी। इसके बाद पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया। पुलिस ने प्रदर्शनकारी छात्रों को दौड़ाकर पीटा। इसके चलते विश्वविद्यालय मार्ग पर अफरातफरी मच गई। छात्रसंघ उपाध्यक्ष विक्रांत सिंह को भी पुलिस ने घेरकर पीटा और पकड़कर थाने ले गई। लाठीचार्ज में छात्रसंघ उपाध्यक्ष समेत कई छात्र जख्मी भी हुए हैं। उपाध्यक्ष को थाने ले जाने की खबर हॉस्टलों में पहुंची तो सैकड़ों की संख्या में छात्र सड़क पर उतर आए। पुलिसिया उत्पीड़न के खिलाफ छात्र नारेबाजी करते हुए विवि चौराहे पर जाम लगाया और कटरा बाजार बंद करा दिया। बवाल बढ़ने की आशंका पर कई थानों की फोर्स के साथ पुलिस अफसर भी पहुुंच गए। किसी तरह छात्रों को मनाकर मामला शांत कराया।

छात्रों की पिटाई और उपाध्यक्ष को हिरासत में थाने ले जाने की जानकारी विश्वविद्यालय प्रशासन के अधिकारियों को हुई तो वे कर्नलगंज थाने पहुंच गए। विवि प्रशासन के हस्तक्षेप के बाद उपाध्यक्ष को छोड़ा गया। थाने से रिहा होने के बाद उपाध्यक्ष ने कहा कि वे पुलिस की दमनकारी नीति के आगे झुकने वाले नहीं है। जब 30 हजार छात्रों का प्रतिनिधित्व करने वाले उपाध्यक्ष के साथ पुलिस ऐसा बर्बरतापूर्ण व्यवहार करती है तो आम छात्रों और जनता के साथ उसका सलूक कै सा होगा। जिला प्रशासन और राज्य सरकार को छात्रवृत्ति की तिथि बढ़ानी होगी।

छात्रों पर लाठीचार्ज की घटना से छात्र संगठनों में खासा आक्रोश है। छात्रनेता रजनीश सिंह रीशू का आरोप है कि चक्काजाम की जानकारी होने पर पहुंचे सीओ कर्नलगंज और इंस्पेक्टर ने गालियां दीं और लाठीचार्ज कर दिया। छात्रों ने इसकी शिकायत कुलपति से भी की है। रजनीश सिंह ने कहा कि वे एसएसपी से मिलकर सीओ और इंस्पेक्टर को निलंबित करने की मांग करेंगे। चेतावनी दी है कि सीओ और इंस्पेक्टर को हटाया नहीं गया तो छात्र सड़क पर उतरकर प्रदर्शन करेंगे। इस मौके पर राणा यशवंत प्रताप सिंह, चंदन सिंह, आनंद सिंह, अनिल सिंह, अभिनव मिश्र, राकेश गुप्ता, नीरज शर्मा, हरिनाम सिंह, पंकज त्रिपाठी, सर्वेश, अतुल समेत तमाम छात्र उपस्थित रहे। वहीं एबीवीपी के इकाई मंत्री नीरज प्रताप सिंह, नव दिव्य कुमार मंगलम, शिवम तिवारी, सनी सिंह और आईसा की सिंधुजा मौर्य ने लाठीचार्ज की निंदा की है।
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