मुस्लिम बोर्डिंग हाउस के छात्र छात्रवासा खोले जाने की मांग पर अड़े हैं। इस मांग को लेकर शनिवार को उन्होंने कलेक्ट्रेट, कर्नलगंज थाना तथा हॉस्टल ट्रस्ट के सचिव का घेराव किया। छात्र देर रात तक थाने पर डटे रहे लेकिन कोई समाधान नहीं निकला। अब वे रविवार को डीएम से फिर मिलने की कोशिश करेंगे।
शुक्रवार को वार्ता के दौरान जिला एवं छात्रावास प्रशासन ने छात्रों को सामान निकालने के लिए अवसर दिए जाने की बात कही थी। इसी सिलसिले में शनिवार को बड़ी संख्या में छात्र छात्रावास पहुंचे। उन्होंने अधीक्षक का घेराव भी किया। वे वैध छात्रों के लिए हॉस्टल के कमरे खोलने की मांग कर रहे थे। उनका कहना था कि सोमवार से उनकी परीक्षा है। ऐसे में वे सामान लेकर कहां जाएंगे।
इन्हीं मांगों को लेकर छात्र अधीक्षक इरफान अहमद एवं हास्टल ट्रस्ट के सचिव बरकत अली को लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचे और धरने पर बैठ गए। वे डीएम से वार्ता की मांग कर रहे थे। हालांकि डीएम से उनकी मुलाकात नहीं हो पाई। वहां मौजूद अफसरों ने आश्वस्त किया किया कि रविवार को उनकी डीएम से मुलाकात कराई जाएगी लेकिन छात्र उसी समय समाधान की मांग कर रहे थे।
इसी बीच अधीक्षक एवं सचिव वहां से चले गए। इससे छात्रों की नाराजगी और बढ़ गई। इसके बाद छात्र काॅल्विन अस्पताल के पास स्थित सचिव के घर पर पहुंच गए और धरना देने लगे। उन्होंने सचिव और अधीक्षक का वहां घेराव किया। छात्र वहां पर देर शाम तक बैठे रहे।
सचिव ने जिला एवं पुलिस प्रशासन के सहयोग के बिना छात्रावास खोले जाने पर असमर्थता जताई। इसके बाद रात में ही छात्र कर्नलगंज थाने पहुंच गए। उनके साथ अधीक्षक भी मौजूद रहे। छात्र करीब नौ बजे तक वहीं डटे रहे। इस दौरान पुलिस कर्मियों का कहना था कि उच्च अधिकारी ही इस बारे में निर्णय ले सकते हैं। थाने में समाधान निकलता न देख छात्र एक बार फिर कलेक्ट्रेट पहुंचे लेकिन वहां मुख्य गेट बंद था। इसके बाद वे वापस हो गए।
इस तरह से छात्रावास में खोले जाने की मांग को लेकर छात्र दिन भर आंदोलनरत रहे लेकिन कोई समाधान नहीं निकल सका। छात्रों का कहना था कि वे रविवार को फिर से कलेक्ट्रेट का घेराव करेंगे। यदि जल्द ही उनकी मांग पूरी नहीं हुई तो आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।
छात्रों के हित में लिया जाएगा निर्णय
मुस्लिम बोर्डिंग हाउस के छात्रों के आंदोलन को देखते हुए डीएम संजय कुमार खत्री के निर्देश पर प्रशासन एवं पुलिस के अफसरों की बैठक हुई। इसमें छात्र हित में निर्णय लेेने के लिए कहा गया। हालांकि, वैध छात्रों को हॉस्टल में प्रवेश दिया जाएगा या नहीं इसे लेकर अफसर कुछ भी स्पष्ट तौर पर बोलने से बचते रहे। डीएम ने इतना जरूर कहा कि छात्रों का अहित नहीं होगा।
अलग-अलग स्थानों पर छात्रों ने ली शरण
विश्वविद्यालय की परीक्षाएं शुरू हैं। कई छात्रों का सोमवार को पेपर है। ऐसे में बड़ी संख्या में छात्र होली की छुट्टी के बाद आ गए हैं लेकिन हॉस्टल सील होने की वजह से वे भटकने के लिए मजबूर हैं। कई छात्रों ने जंक्शन तथा मुशाफिर खाना आदि स्थानों पर शरण ले रखी है।