छात्र परिषद के विरोध में डॉ. जोशी से मिले छात्र
इविवि में छात्र परिषद के गठन के विरोध में छात्रों ने मंगलवार को भाजपा के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. मुरली मनोहर जोशी से मिलकर उन्हें ज्ञापन सौंपा। वहीं, दूसरी ओर एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने छात्र परिषद के विरोध में भाजपा सांसद केशरी देवी पटेल के आवास का घेराव किया एवं उनके प्रतिनिधि को ज्ञापन सौंपा। एबीवीपी ने निर्णय लिया कि बुधवार सुबह 11 बजे सांसद डॉ. रीता बहुगुणा जोशी के आवास का घेराव किया जाएगा।
डॉ. मुरली मनोहर जोशी मंगलवार को एक निजी कार्य से विश्वविद्यालय परिसर स्थित एसबीआई की शाखा में आए थे। उनका काफिला छात्रसंघ भवन के सामने रुका। छात्रसंघ उपाध्यक्ष अखिलेश यादव एवं अन्य छात्रों ने डॉ. जोशी का ज्ञापन देकर छात्रसंघ बहाली की मांग की। इस पर डॉ. जोशी ने उनकी मांगों पर गंभीरतापूर्वक विचार करने और फैसला छात्रों के हित में लेने का आश्वासन दिया। ज्ञापन देने वालों में अजय सिंह सम्राट, जितेंद्र धनराज, शिवम तिवारी, सूरज तिवारी, अमर नकवी, प्रशांत समाजसेवी, आदेश यादव आदि शामिल रहे।
दूसरी ओर छात्र परिषद के विरोध में एबीवीपी के कार्यकर्ताओं ने फूलपुर से भाजपा सांसद केशरी देवी पटेल के आवास का घेराव किया। काशी प्रांत संगठन मंत्री विजय प्रताप ने कहा कि यह आंदोलन तब तक जारी रहेगा, जब तक कि छात्र परिषद की जगह छात्रसंघ लागू नहीं हो जाता है। छात्रसंघ बहाल नहीं हुआ तो एबीवीपी राष्ट्रव्यापी आंदोलन करेगा। राष्ट्रीय कार्यकारिणी परिषद के सदस्य अतेंद्र सिंह ने कहा कि इविवि प्रशासन छात्रों की आवाज दबाने का प्रयास कर रहा है। केंद्रीय विश्वविद्यालय होने के नाते इस मामले में सीधे केंद्र सरकार को हस्तक्षेप करना चाहिए। सांसद आवास के घेराव के दौरान अनुपम त्रिपाठी, शिवम सिंह, शिवम तिवारी, नवीन मिश्र, विवेक तिवारी, विष्णुकांत मिश्र, सचिन मिश्र, विकास पाठक आदि मौजूद रहे।
समर्थन देने गाजीपुर से आए पूर्व अध्यक्ष एसपी पांडेय
छात्र परिषद के खिलाफ जारी छात्रों के आंदोलक को समर्थन देने इविवि छात्रसंघ के पूर्व अध्यक्ष मंगलवार को गाजीपुर से प्रयागराज आए। उन्होंने छात्रसंघ भवन पर जाकर शहीद लाल पद्मधर की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया और अपना समर्थन पत्र उपाध्यक्ष अखिलेश यादव, महामंत्री शिवम सिंह एवं पूर्व अध्यक्ष अवनीश यादव को सौंपा। उन्होंने इविवि में छात्र परिषद के गठन के निर्णय की निंदा की। कहा कि छात्रसंघ को समाप्त कर छात्र परिषद का मॉडल लागू करना पूरी तरह से लोकतंत्र को समाप्त करने जैसा है।