इलाहाबाद विश्वविद्यालय के हॉस्टलों में वॉश आउट की प्रस्तावित कार्रवाई के विरोध में छात्रों का क्रमिक अनशन छठवें दिन शनिवार को भी जारी रहा। इस दौरान छात्रों ने प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति और मानव संसाधन विकास मंत्री को संबोधित रक्तपत्र लिखा। साथ ही शहर आए राज्यपाल राम नाईक से मिलकर उन्हें ज्ञापन सौंपा। राज्यपाल ने छात्रों को आश्वासन दिया कि इस बारे में मानव संसाधन विकास मंत्री से बात करेंगे।
परीक्षा के बाद हॉस्टलों को पूरी तरह से खाली कराए जाने के मसले पर छात्रों और विश्वविद्यालय प्रशासन के बीच ठनी हुई है। छात्र किसी भी सूरत में पीछे हटने को तैयार नहीं हैं। उनका कहना है कि हॉस्टलों को पूरी तरह से खाली न कराया जाए। सिर्फ अवैध छात्रों को ही हॉस्टल से बाहर किया जाए ताकि वैध छात्रों की आगामी प्रतियोगी परीक्षाएं प्रभावित न हों। इसी मांग को लेकर छात्र छह दिनों से छात्रसंघ भवन में क्रमिक अनशन पर बैठे हैं। शनिवार दोपहर छात्रसंघ भवन में सभी छात्र इकट्ठा हुए और तकरीबन एक हजार छात्रों ने अपने रक्त से प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति और मानव संसाधन विकास मंत्री को पत्र लिखा।
छात्रों ने रक्तपत्र के जरिए कुलपति पर भ्रष्टाचार और तानाशाही का आरोप लगाते हुए उनकी बर्खास्तगी की मांग की है। छात्रसंघ उपाध्यक्ष अदील हमजा ने कहा कि कुलपति हमें अपनी संतान बताते हैं और हमारा खून देखकर भी उनका दिल नहीं पसीजता है। यह उनकी संवदेनहीनता को उजागर करता है। रक्तपत्र लिखने के बाद छात्रों के एक प्रतिनिधिमंडल ने पुलिस लाइन में राज्यपाल से मुलाकात की और हॉस्टलों में वॉश आउट की प्रस्तावित कार्रवाई के विरोध में उन्हें ज्ञापन सौंपा। छात्रों ने मांग की कि राज्यपाल कुलपति के निर्णय में हस्तक्षेप करें। राज्यपाल ने मानव संसाधन विकास मंत्री से इस संदर्भ में वार्ता करने का आश्वासन दिया। ज्ञापन देने वालों में छात्रसंघ अध्यक्ष रोहित मिश्र, उपाध्यक्ष अदील हमजा, पूर्व उपाध्यक्ष विक्रांत सिंह, छात्र नेता अखिलेश गुप्ता, आनंद सिंह शामिल रहे।