फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

इविवि : फीस वृद्धि के विरोध में प्रदर्शनकारी छात्रों ने दो प्रोफेसरों को घंटों ने बनाए रखा बंधक

Sat, 01 Oct 2022 11:39 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

विवि में छात्रसंघ भवन से शुक्रवार देर रात आमरण अनशनरत अजय यादव, अखिलेश और सिद्धार्थ की तबीयत बिगड़ती देख पुलिस प्रशासन ने जबरन उठाकर अस्पताल में भर्ती करा दिया।
विज्ञापन
Allahabad University : फीस वृद्धि वापस लेने की मांग को लेकर छात्रों ने दो प्रोफेसरों को बंधक बनाया। - फोटो : अमर उजाला।
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

इलाहाबाद विश्वविद्यालय में छात्रसंघ भवन पर फीस वृद्धि के विरोध में आंदोलन 26 वें दिन भी जारी रहा। शनिवार को पुलिस ने दर्जन भर छात्रों को हिरासत में ले लिया। वहीं विवि प्रशासन का आरोप है कि आंदोलनकारी छात्रों ने एफआरसी बिल्डिंग में पहुंचकर हंगामा किया और कार्य में बाधा पहुंचाई। इतना ही नहीं प्रो. मनमोहन कृष्णा और प्रो. आशीष सक्सेना को घंटों बंधक बनाए रखा। 

विज्ञापन



विवि में छात्रसंघ भवन से शुक्रवार देर रात आमरण अनशनरत अजय यादव, अखिलेश और सिद्धार्थ की तबीयत बिगड़ती देख पुलिस प्रशासन ने जबरन उठाकर अस्पताल में भर्ती करा दिया। शनिवार सुबह दो नए सदस्य शिव शंकर सरोज, विवेक सुल्तानवी आमरण अनशन पर बैठ गए। छात्रों का आरोप है कि विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से छात्रों को वार्ता करने के लिए बुलाया गया, इसके बाद आई पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया। वहीं विवि प्रशासन का कहना है कि आंदोलनकर छात्र एफआरसी बिल्डिंग में पहुंचकर हंगामा करने लगे।

विज्ञापन

Allahabad University : फीस वृद्धि वापस लेने की मांग को लेकर छात्रों ने दो प्रोफेसरों को बंधक बनाया। - फोटो : अमर उजाला।
इतना ही कार्य में बाधा पहुंचाने के साथ प्रो.मनमोहन कृष्णा और प्रोफेसर आशीष सक्सेना को वहीं काफी देरतक बंधक बनाए रखा और एडमीशन कमेटी को धमकी दी। इस पर पुलिस ने हंगामा कर रहे छात्रों को हिरासत में लिया और शिक्षकों को छुड़ाया। पुलिस ने हरेंद्र यादव, राहुल पटेल, सुधीर यादव, संदीप वर्मा, चंद्रशेखर अधिकारी, विनोद पटेल, यशवंत, अजय पांडेय, अनुराग, आनंद सांसद, राहुल सरोज, मनजीत पटेल व अमित पांडेय को हिरासत में लिया गया था। शिक्षकों के घेराव और धमकी देने की घटना की विवि प्रशासन ने निंदा की है।  
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें