परास्नातक प्रवेश परीक्षा निरस्त करने, जांच रिपोर्ट सार्वजनिक करने समेत अनेक मांगों को लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के बैनर तले विद्यार्थियों ने मंगलवार को भी प्रदर्शन किया। उन्होंने सीनेट परिसर के गेट पर तालाबंदी कर दी। हालांकि उससे पहले ही कुलपति तथा अन्य अफसर परिसर में प्रवेश कर चुके थे।
छात्र छात्रसंघ भवन से जुलूस बनाकर नारेबाजी करते हुए पुस्तकालय गेट पर पहुंचे और ताला लगा दिया। इसकी वजह से कई शिक्षकों को परेशानी हुई। वे परास्नातक प्रवेश परीक्षा में गड़बड़ी का आरोप लगाने के अलावा विश्वविद्यालय की कई अन्य समस्याओं को लेकर भी आंदोलनरत थे।
वे नामांकन शुल्क खत्म करने तथा कालेजों में परास्नातक की फीस करने की भी मांग कर रहे थे। अध्यापकों ने आश्वासन दिया कि उनकी कुलपति से वार्ता कराने की कोशिश की जाएगी। इसके बाद छात्र चले गए, लेकिन उन्होंने चेतावनी दी कि यदि 24 घंटे में मांग नहीं मानी गई तो वे तेज आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। प्रदर्शन करने वालों में शैलेंद्र मौर्य, विक्रांत सिंह, आनंद सिंह, सूर्य प्रकाश मिश्रा, नलनी मिश्रा, अनुभव उपाध्याय, श्रवण जायसवाल, जितेंद्र शुक्ला, अश्वनी मौर्या, सूरज दुबे आदि शामिल रहे।
इलाहाबाद केंद्रीय विश्वविद्यालय के प्राचीन इतिहास विभाग के अभ्यर्थी ने अतिथि प्रवक्ता भर्ती में मनमानी का आरोप लगाया है। अभ्यर्थी ने कुलपति से लिखित शिकायत की है। आरोप है कि एक रिटायर तृतीय श्रेणी के कर्मचारी की नियुक्ति की भी तैयारी की जा रही है।