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Prayagraj : हनीट्रैप में फंसे छात्र ने रुपयों के लिए रचा अपहरण का ड्रामा, पुलिस ने किया खुलासा

Fri, 20 Jan 2023 09:48 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

शिवकुटी में हनीट्रैप के शिकार प्रतियाेगी छात्र अभिषेक तिवारी ने रुपयों के लिए खुद के ही अपहरण का ड्रामा रच डाला। परिजनों व पुलिस को झूठी सूचना देकर सनसनी फैला दी। एसओजी व शिवकुटी पुलिस ने उसे शुक्रवार को प्रतापगढ़ से बरामद किया तो हकीकत सामने आई।
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Prayagraj News : फर्जी अपहरण का ड्रामा करने वाले को पुलिस ने किया गिरफ्तार। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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शिवकुटी में हनीट्रैप के शिकार प्रतियाेगी छात्र अभिषेक तिवारी ने रुपयों के लिए खुद के ही अपहरण का ड्रामा रच डाला। परिजनों व पुलिस को झूठी सूचना देकर सनसनी फैला दी। एसओजी व शिवकुटी पुलिस ने उसे शुक्रवार को प्रतापगढ़ से बरामद किया तो हकीकत सामने आई। तब जाकर पुलिस ने राहत की सांस ली।

अभिषेक मूल रूप से मनवा रतनपुर पोस्ट जलालपुर सहरा, आंबेडकर नगर का रहने वाला है। वह गोविंदपुर हनुमान मंदिर के पास किराये के कमरे में रहकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करता है। पिता आंबेडकर नगर में ही एमआर हैं। छात्र ने 19 जनवरी को दोपहर 2.30 बजे के करीब शिवकुटी पुलिस व अपने परिजनों को फोन किया।

बताया कि तीन लोगों ने उसे अगवा कर लिया है। काले रंग की डिजायर कार में भरकर ले गए और सुनसान स्थान पर रखा है। साथ ही दो लाख फिरौती की भी मांग कर रहे हैं। इस सूचना पर सनसनी फैल गई। मुकदमा दर्ज कर शिवकुटी पुलिस के साथ ही एसओजी को भी लगाया गया।एसओजी प्रभारी राजेश उपाध्याय ने नंबर सर्विलांस पर लगाया गया तो छात्र की लोकेशन प्रतापगढ़ के भगवाचुंगी में मिली। जिसके बाद पुलिस ने वहां पहुंचकर उसे बरामद कर लिया। उसे थाने लाकर पूछताछ की गई तो चौंकाने वाला खुलासा हुआ।

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बदनामी के डर से रचा ड्रामा

पुलिस के मुताबिक, अभिषेक पहले तो पूछताछ में कहता रहा कि वह किसी तरह अपहरणकर्ताओं के चंगुल से छूटकर निकला है। हालांकि सख्ती से पूछताछ में उसने हकीकत बयां कर दी। बताया कि 18 जनवरी को उसके पास अज्ञात नंबर से वीडियो कॉल आई। कॉल रिसीव करते ही निर्वस्त्र हाल में युवती दिखाई दी तो उसने फोन काट दिया। कुछ देर बाद उसी नंबर से एक अश्लील वीडियो आया, जिसमें वह भी दिख रहा था। फिर वीडियो वायरल करने की धमकी देकर दो लाख रुपये मांगे गए।

घबराकर उसने अपने खाते से 10 हजार रुपये ट्रांसफर कर दिए। इसके बाद भी रुपयों की मांग की जाती रही। जिस पर उसने 10 हजार दोस्त व 10 हजार ममेरे भाई से लेकर दिए। इसके बाद भी रुपये मांगे जाते रहे। उसने रुपये न होने की बात बताई तो ब्लैकमेलिंग करने वालों ने उससे खुद के अपहरण का ड्रामा रचने को कहा। बदनामी के डर से उसने ऐसा ही किया।

छात्र को सकुशल बरामद कर लिया गया है। मेरी अपील है कि अज्ञात नंबर से वीडियो कॉल रिसीव न करें। ऐसा कुछ होता है तो गलत कदम उठाने के बजाय तुरंत पुलिस को सूचना दें। - संतोष कुमार मीना, पुलिस उपायुक्त नगर

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