छह लोगों ने पीटा था, मां ने थाने में दी तहरीर
उधर बेटे की खुदकुशी के मामले में मां गुड़िया सिंह की ओर से तहरीर दी गई। तहरीर में बताया है कि उसका बेटा शनी शैल सिंह 26 मई को 5.30 शाम घर से चुपके से स्कार्पियो लेकर निकला। इसी दौरान गाड़ी एक गेट से टकरा गई जिसके बाद उस घर के मालिक ने पांच अज्ञात लोगों संग मिलकर उसके बेटे को बेरहमी से पीटा। जानकारी पर वह मौके पर पहुंची तो बेटा अधमरा पड़ा था।
कुछ देर बाद धूमनगंज पुलिस आ गई और उसे व बड़े बेटे को धमकाते हुए थाने ले गई। वहां छोटे बेटे को पीटने वाले घर मालिक ने 50 हजार रुपये मांगे और अपशब्दों का प्रयोग करते हुए बर्बाद करने की धमकी दी। इसी बीच मकान मालकिन ने मोबाइल पर जानकारी दी कि मेरे बेटे ने बेरहमी से पीटे जाने व धमकाने से क्षुब्ध होकर फांसी लगा ली है।
चौथे दिन भी नहींं शुरू हुई जांच
उधर इस मामले की जांच चौथे दिन भी नहीं शुरू हुई। परिजनों ने बताया कि उनसे किसी पुलिस अधिकारी ने कोई संपर्क नहीं किया। गौरतलब है कि प्रकरण की जांच एसीपी धूमनगंज को सौंपी गई है। उन्हें जांच कर आवश्यक कार्रवाई के लिए निर्देशित किया गया है। मामले में धूमनगंज एसीपी से पुलिस का पक्ष जानने की कोशिश की गई लेकिन संपर्क नहीं हो सका।
वह स्कॉर्पियो चला रहा था जिसकी टक्कर से मोहल्ले में स्थित एक घर का गेट क्षतिग्रस्त हो गया। आरोप है कि इस पर घर मालिक ने कुछ अन्य लोगों संग मिलकर उसे पीटा। आरोप यह भी है कि सूचना पर पहुंचे दरोगा ने उसे जेल भेजने की धमकी दी और मां व बड़े भाई को थाने उठा ले गई। इसी से दहशत में आकर छात्र ने फांसी लगाकर जान दे दी।
खुदकुशी के मामले में जांच चौथे दिन भी नहीं शुरू हो सकी। पीड़ित परिवार से जांच अधिकारी ने संपर्क नहीं किया। उधर, अब तक परिजनों को पोस्टमार्टम रिपोर्ट भी नहीं दी गई। पुलिस कार्यालय जाने पर उन्हें यह कहकर टरका दिया गया कि अभी पोस्टमार्टम रिपोर्ट नहीं आई है।
इस मामले में एक दिन पहले ही जांच के आदेश दिए गए हैं। एसीपी धूमनगंज को प्रकरण की जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने को निर्देशित किया गया है, लेकिन घटना के चौथे दिन भी जांच शुरू नहीं हो सकी। घटना की जांच के लिए सोमवार को भी एसीपी धूमनगंज मौके पर नहीं पहुंचे। न ही उन्होंने पीड़ित परिवार से कोई संपर्क किया। छात्र के भाई बॉबी सनी सिंह ने बताया कि सोमवार को भी पुलिस ने परिवार से कोई संपर्क नहीं किया। न ही कोई अफसर आए और न ही धूमनगंज थाने का कोई पुलिसकर्मी उसके घर आया।
उसने बताया कि अंतिम संस्कार हुए दो दिन बीत गए, लेकिन अब तक परिवार को पोस्टमार्टम रिपोर्ट नहीं दी गई है। सोमवार को वह धूमनगंज थाने गया तो उसे अपर पुलिस आयुक्त कार्यालय जाने को कहा गया। वहां जाने पर यह कहकर लौटा दिया गया कि अभी पोस्टमार्टम रिपोर्ट नहीं आई है।
पुलिसवाले कार भी उठा ले गए थे थाने
पुलिस ने न सिर्फ मृतक छात्र को धमकाया था बल्कि उसकी कार भी थाने उठा ले गए थे। भाई बॉबी ने बताया कि उसकी कार थाने के बाहर खड़ी की गई है। 27 को घटना के बाद ही पुलिस कार लेकर चली गई थी। तब से अब तक कार नहीं मिली है।