कुलपति को हटाने की मांग को लेकर छात्रसंघ के बैनर तले सात छात्रों ने सोमवार शाम से बेमियादी अनशन शुरू कर दिया। रजिस्ट्रार ने चारों मांगें माने जाने का लिखित आश्वासन दिया। इसके बाद भी छात्रों ने प्रदर्शन और कुलपति दफ्तर का घेराव किया।
छात्रों ने इविवि परिसर में जुलूस भी निकाला। इसके समानांतर फोरम फॉर कैंपस डेमोक्रेसी की ओर से भी काला दिवस मनाते हुए कुलपति दफ्तर पर प्रदर्शन किया गया। इसकी वजह से परिसर में अब भी तनाव बना हुआ है। छात्रसंघ भवन पर अनशन पर बैठने वाले विद्यार्थी छात्रसंघ उपाध्यक्ष अदील हमजा, अनुभव उपाध्याय, नीरज प्रताप सिंह, जितेंद्र बिंद, अनुज, आशुतोष पाठक, अनुभव सिंह छोटू हैं। छात्रसंघ अध्यक्ष रोहित मिश्रा और उपाध्यक्ष का कहना था कि एक छात्र के आत्मदाह करने तथा परिसर में व्याप्त अनियमितता के लिए कुलपति जिम्मेदार हैं। इसलिए कुलपति को वापस बुलाए जाने तक उनका अनशन जारी रहेगा।
कुछ लोग ही हैं जो आंदोलन कर रहे हैं। आंदोलन में शामिल ज्यादातर बाहरी हैं। मेरे हिसाब से विश्वविद्यालय ठीक से चल रहा है। उनकी मांग मान ली गई है। अब आंदोलन का कोई औचित्य नहीं है। स्थाई नियुक्ति तक प्रो. एनके शुक्ला ही रजिस्ट्रार बने रहेंगे। पूरी घटना की जांच की जा रही है। प्रॉक्टोरियल बोर्ड की रिपोर्ट के अनुसार आगे कार्रवाई की जाएगी। - प्रो. रतनलाल हांगलू, कुलपति, इलाहाबाद विश्वविद्यालय