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छात्रसंघ चुनाव का मुद्दा बने वीसी

Tue, 11 Sep 2018 01:45 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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Allahabad University Vice Chancellor, Hanglu - फोटो : FILE PHOTO
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छात्रसंघ चुनाव से ठीक पहले छात्र नेताओं को बैठे-बिठाए मुद्दा मिल गया। वायरल हुए व्हाट्स एप चैट मामले में सोमवार को छात्रसंघ भवन पर निवर्तमान अध्यक्ष अवनीश यादव के नेतृत्व मेें कुलपति और ऑक्टा का पुतला फूंका गया। इस पूरे मामले में कुलपति की चुप्पी पर निशाना साधते हुए छात्रनेताओं ने सवाल उठाया कि वह सामने क्यों नहीं आ रहे हैं। अपनी बात रखने के लिए ऑक्टा के पदाधिकारियों को आगे क्यों कर रहे हैं। छात्रनेताओं ने ऑक्टा के पदाधिकारियों पर आरोप लगाया कि वे भी कुलपति से मिले हुए हैं। छात्रसंघ अध्यक्ष अवनीश यादव ने कहा कि इस पूरे घटनाक्रम से विश्वविद्यालय की छवि धूमिल हो रही है। कुलपति ऑक्टा के माध्यम से खंडन करवा रहे हैं, जबकि इस मामले में उन्हें सामने आकर बयान देना चाहिए था।
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छात्रनेताओं ने कुलपति की बर्खास्तगी की मांग की और कहा कि अगर सरकार ने कोई कार्रवाई नहीं की तो छात्र आमरण अनशन पर बैठ जाएंगे। पुतला फूंकने वालों में जिया कौनेन रिजवी, उदय प्रकाश यादव, रोहित यादव, अविनाश विद्यार्थी अखिलेश सिंह यादव, चौधरी संदीप यादव, राहुल पटेल, सतीश यादव गोलू, राहुल यादव रुद्र, विजय कांत यादव, अरविंद सरोज, सुशील भारती, मनीष पाल, ओमकार यादव, ऋभष यादव, शनि सिंह आदि शामिल रहे।

रोक के बावजूद इलाहाबाद विश्वविद्यालय परिसर में जुलूस निकाले जाने और नारेबाजी किए जाने के मामले इविवि प्रशासन ने छात्र नेता उदय प्रकाश यादव को नोटिस जारी किया है। चीफ प्रॉक्टर प्रो. राम सेवक दुबे की ओर से जारी नोटिस में कहा गया है कि हिंदी विभाग के सामने एसपी सिटी, सीओ चतुर्थ, कुलानुशासक और भारी पुलिस बल ने जुलूस को रोकने की कोशिश की लेकिन जुलूस में शामिल दो सौ से ढाई सौ छात्र नहीं रुके और जुलूस उदय प्रकाश यादव के नियंत्रण से बाहर हो गया। चुनाव प्रचार के लिए तीन एवं चार अक्तूबर की तिथि निर्धारित की गई है। इसके बावजूद जुलूस निकाला गया जो आचार संहिता का उल्लंघन है और इस मामले में चुनाव पूर्व नामांकन या चुनाव के बाद निर्वाचन भी निरस्त किया जा सकता है। साथ ही विश्वविद्यालय से निलंबित या निष्कासित भी किया जा सकता है। चीफ प्रॉक्टर ने इस मामले की साक्ष्य सहित रिपोर्ट चुनाव अधिकारी को सौंप दी है।
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