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सीनेट हाल में नहीं होगा छात्रसंघ अध्यक्ष का कार्यक्रम

Wed, 20 Jan 2016 01:18 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/इलाहाबाद
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इलाहाबाद (ब्यूरो)। इलाहाबाद विश्वविद्यालय छात्रसंघ अध्यक्ष ऋचा सिंह की ओर से बुधवार को प्रस्तावित राष्ट्रीय गोष्ठी सीनेट हाल में नहीं होगी। गोष्ठी तथा मुख्य वक्ता वरिष्ठ पत्रकार सिद्धार्थ वरदराजन के अन्य पदाधिकारियों की ओर से विरोध के बाद कुलपति ने गोष्ठी रद्द कर दी है। इसकी सूचना कमिश्नर तथा जिला और पुलिस प्रशासन के अन्य अफसरों को दे दी गई है। हालांकि ऋचा ने छात्रसंघ भवन में कार्यक्रम कराने की घोषणा की है।
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छात्रसंघ अध्यक्ष की ओर से बुधवार को सीनेट हाल में लोकतंत्र एवं मीडिया विषय पर राष्ट्रीय गोष्ठी और संवाद की घोषणा की गई है। मुख्य वक्ता सिद्धार्थ वरदराजन होंगे। कुलपति प्रोफेसर रतन लाल हंगलू अध्यक्षता करेंगे। इसके विपरीत छात्रसंघ के अन्य पदाधिकारियों उपाध्यक्ष विक्रांत सिंह, महामंत्री सिद्धार्थ सिंह गोलू, संयुक्त मंत्री श्रवण कुमार जायसवाल, सांस्कृतिक सचिव जितेंद्र शुक्ला के साथ एबीवीपी तथा कई अन्य छात्र नेताआें ने इसका विरोध शुरू कर दिया। पदाधिकारियों का कहना था कि कार्यक्रम की उन्हें कोई सूचना नहीं दी गई। इसके अलावा मुख्य वक्ता पर भी कई गंभीर आरोप लगाते हुए वरदराजन के परिसर में प्रवेश का हर स्तर पर विरोध की घोषणा की। विरोध के क्रम में चारों छात्रसंघ पदाधिकारियों के अलावा राणा यशवंत प्रताप सिंह, रजनीश सिंह, नीरज सिंह, दुर्गेश मिश्र आदि ने मंगलवार को कुलपति दफ्तर के सामने अनशन शुरू कर दिया। 
छात्र नेता राणा यशवंत सिंह का कहना था कि परिसर में सांसद आदित्य नाथ योगी का कार्यक्रम नहीं होने दिया गया। इसलिए अब कोई कार्यक्रम नहीं होने दिया जाएगा। इस बाबत विरोध बढ़ता देख कुलपति ने शाम को सभी पक्षों से वार्ता के बाद कार्यक्रम रद्द कर दिया। चीफ प्रॉक्टर प्रोफेसर एनके शुक्ला की ओर से इस बाबत कमिश्नर, डीएम तथा अन्य प्रशासनिक अफसरों को पत्र भी लिखा गया है। साथ ही परिसर में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए सुरक्षा की मांग की गई है।
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इसके विपरीत छात्रसंघ अध्यक्ष ऋचा ने अन्य पदाधिकारियों के विरोध को निराधार बताया। उन्होंने आदित्यनाथ के कार्यक्रम से इसकी तुलना करने पर भी विरोध जताया। ऋचा का कहना है कि यह एकेडमिक कार्यक्रम है और हर छात्रसंघ पदाधिकारी को इस तरह के आयोजन का अधिकार है। ऋचा ने आरोप लगाया है कि छात्रसंघ केअन्य पदाधिकारियों तथा एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने कुलपति, डीएसडब्ल्यू, प्रॉक्टर की मौजूदगी में उन्हें धमकी दी।
इलाहाबाद विश्वविद्यालय में एक बार फिर टकराव की आशंका बन गई है। विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से गोष्ठी रद्द करने के बावजूद छात्रसंघ अध्यक्ष ऋचा सिंह कार्यक्रम कराने पर अड़ी हैं। उन्होंने पूर्व निर्धारित समय पर छात्रसंघ भवन में गोष्ठी कराने की घोषणा की है। इसके विपरीत कार्यक्रम तथा मुख्य वक्ता सिद्धार्थ वरदराजन के विरोध कर रहे छात्रसंघ के अन्य पदाधिकारियों ने भी बुधवार को राष्ट्रीयता पर गोष्ठी की घोषणा कर दी है। इससे बवाल की आशंका बन गई है। टकराव को देखते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन ने मंडलायुक्त, डीएम तथा अन्य अफसरों को पत्र लिखकर परिसर में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए सुरक्षा की मांग की है।
छात्रों के विरोध पर कुलपति ने मंगलवार को गोष्ठी स्थगित कर दी। इस पर ऋचा की ओर से घोषणा की गई कि वह बुधवार को ही दिन में 12 बजे छात्रसंघ भवन में कार्यक्रम कराएंगी। ऋचा ने गोष्ठी में अधिक से अधिक छात्र-छात्राआें के पहुंचने की अपील की है। इसके विपरीत अन्य छात्रसंघ पदाधिकारियों ने सिद्धार्थ वरदराजन के परिसर में न घुसने देने की घोषणा की है। उनकी ओर से हर स्तर पर विरोध की बात कही गई है। इस विरोध के बीच उन्होंने बुधवार को ही एक और गोष्ठी की घोषणा कर दी है। उपाध्यक्ष विक्रांत सिंह का कहना है कि दिन में 11 बजे से होने वाली गोष्ठी पहले से घोषित है और वह निर्धारित समय पर होगी।
इस टकराव को देखते हुए चीफ प्रॉक्टर प्रोफेसर एनके शुक्ला की ओर से कमिश्नर को पत्र लिखा गया है। उन्होंने लिखा है कि सीनेट हाल में प्रस्तावित कार्यक्रम रद्द कर दिया गया है, लेकिन ऋचा सिंह ने बिना अनुमति खुद की जिम्मेदारी पर छात्रसंघ भवन में गोष्ठी कराने की घोषणा की है। इससे परिसर में माहौल बिगड़ने की आशंका है। उन्होंने कमिश्नर तथा अन्य अफसरों से परिसर में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए समुचित सुरक्षा व्यवस्था की मांग की है।
छात्रसंघ अध्यक्ष ऋचा सिंह की ओर से बुधवार को यूनियन भवन में प्रस्तावित गोष्ठी में कुलपति प्रोफेसर रतनलाल हंगलू शामिल होंगे या नहीं इस पर अब भी असमंजस बना हुआ है। लोकतंत्र और मीडिया पर होने वाली गोष्ठी की अध्यक्षता कुलपति को ही करनी है। हालांकि अन्य छात्रसंघ पदाधिकारियाें के विरोध के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने गोष्ठी रद्द कर दी गई है और सीनेट हाल में कार्यक्रम नहीं होगा, लेकिन छात्रसंघ भवन में प्रस्तावित गोष्ठी में कुलपति शामिल होंगे या नहीं इस पर विश्वविद्यालय की ओर से कुछ भी नहीं कहा गया है।
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