पिपरी कोतवाली के कादिलपुर गांव की एक छात्रा ने रविवार को प्रयागराज स्थित आवास फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। वह मनचाहे स्कूल में दाखिला नहीं मिल पाने से क्षुब्ध थी। सोमवार को छात्रा का शव गांव पहुंचा तो कोहराम मच गया। दोपहर बाद शोकाकुल महौल में शव का अंतिम संस्कार किया गया।
कादिलपुर निवासी जय सिंह किसान हैं। उनके परिवार के ज्यादातर सदस्य प्रयागराज के धूमनगंज स्थित लाल बिहारा में रहते हैं। जय सिंह की 20 वर्षीय बेटी ज्योतिमा ने इसी साल गांव के स्कूल से इंटरमीडिएट की परीक्षा पास की थी। इंटर के बाद परिवार के लोगों ने उसे स्नातक की पढ़ाई के लिए लाल बिहारा भेज दिया। ज्योतिका के साथ उसकी सहेली भी पढ़ने के लिए प्रयागराज गई। ज्योतिमा का घरवालों ने धूमनगंज के एक निजी कॉलेज में दाखिला कराया जबकि उसकी सहेली का दाखिला दूसरे स्कूल में हुआ।
ज्योतिमा अपने सहेली के कॉलेज में दाखिला लेना चाहती थी। इसे लेकर उसका घरवालों से विवाद हुआ था। इसी से क्षुब्ध होकर रविवार को ज्योतिमा ने लाल बिहारा स्थित आवास में फांसी लगाकर लगाकर जान दे दी। सोमवार को पोस्टमार्टम के बाद उसका शव कादिलपुर पहुंचा तो कोहराम मच गया। ग्रामीणों में चर्चा रही कि दोनों ने ज्योतिमा व उसकी सहेली ने बचपन से एक साथ पढाई की है। अलग-अलग स्कूल में दाखिल होने के कारण उसने ज्योतिमा ने खुदकुशी कर ली।