मध्य प्रदेश में रीवा जिले के मझिगवां, त्योंथर गांव निवासी सत्यम कुशवाहा इलाहाबाद विश्वविद्यालय में दर्शनशास्त्र से एमए की पढ़ाई कर रहे हैं। 22 फरवरी को चीफ प्राक्टर ने एक आदेश जारी किया था।
इलाहाबाद विश्वविद्यालय में हंगामा करने वाले और परिसर में अशांति फैलाने के आरोप में छात्रनेता सत्यम कुशवाहा का प्रवेश निरस्त कर दिया गया है। पीजी प्रवेश समिति 2020-21 के अध्यक्ष प्रो. ऋषिकांत पांडेय ने कुलपति प्रो. संगीता श्रीवास्तव की संस्तुति और चीफ प्राक्टर प्रो. हर्ष कुमार के निर्देश पर यह कार्रवाई की है।
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मध्य प्रदेश में रीवा जिले के मझिगवां, त्योंथर गांव निवासी सत्यम कुशवाहा इलाहाबाद विश्वविद्यालय में दर्शनशास्त्र से एमए की पढ़ाई कर रहे हैं। 22 फरवरी को चीफ प्राक्टर ने एक आदेश जारी किया था। इसके मुताबिक सत्यम को 31 अगस्त 2020 को निलंबित किया जा चुका है। इस पर छात्रनेता की ओर से कोई जवाब नहीं दिया गया। निलंबन के बाद भी वह लगातार विश्वविद्यालय परिसर में आते रहे। इस दौरान परिसर में अशांति फैलाने वाली गतिविधियां करते रहे।
आरोप है कि 17 और 18 फरवरी 2022 को विश्वविद्यालय का मुख्य द्वार बंद कर दिया। इसके चलते अध्यापकों तथा कर्मचरियों को देर रात तक परिसर से बाहर निकल पाए। इससे शिक्षकों और कर्मचारियों का मानसिक और शारीरिक उत्पीड़न हुआ। सरकारी कार्य में भी बाधा उत्पन्न की गई।
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लिहाजा इविवि प्रशासन ने यह पाया कि सत्यम के आचरण में सुधार की कोई गुंजाइश नहीं दिख रही है। ऐसे में विश्वविद्यालय परिसर में प्रवेश प्रतिबंधित करते हुए एवं संघटक कालेजों में किसी भी पाठ्यक्रम में प्रवेश पर रोक लगा दिया हैं। इस पर दर्शनशास्त्र के विभागाध्यक्ष ने सत्यम कुशवाहा के एमए प्रथम सत्र 2021-22 में प्रवेश को निरस्त कर दिया है।