इलाहाबाद (ब्यूरो)। इलाहाबाद विश्वविद्यालय छात्रसंघ चुनाव में शनिवार देर रात तक चली बैठकों के बाद गतिरोध दूर होने के दावे किए जा रहे हैं। कुलपति प्रोफेसर ए.सत्यनारायण ने चुनाव अधिकारी प्रोफेसर आरएस पांडेय का इस्तीफा नामंजूर कर दिया है। सुबह 7.30 से 9.30 बजे के बीच छात्र-छात्राओं को नाम वापस लेने का मौका दिया गया है।
इसके बाद सुबह 10 बजे ही वैध प्रत्याशियों की फाइनल सूची जारी कर दी जाएगी। आगे की प्रक्रिया पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार ही पूरी की जाएगी। कुलपति ने बताया कि चुनाव अधिकारी को किसी तरह की नाराजगी है तो उसे दूर कर लिया जाएगा। उन्होंने बताया कि चुनाव निर्धारित समय पर होगा।
पूर्व घोषित कार्यक्रम के अनुसार शनिवार को दिन में एक से तीन बजे के बीच प्रत्याशी नाम वापस ले सकते थे। इसके बाद शाम चार बजे फाइनल सूची जारी होनी थी लेकिन दिन भर गतिरोध बना रहा। इसकी वजह से आगे की प्रक्रिया भी ठप रही। हालांकि सभी तरह के विवाद खत्म होने की बात कही जा रही है।
छात्रसंघ चुनाव को लेकर अजीबो-गरीब स्थिति पैदा हो गई है। समाजवादी छात्रसभा के अध्यक्ष पद के प्रत्याशी अजीत यादव विधायक समेत तीन अन्य छात्र नेताओं ने नामांकन पत्र पूरा नहीं भरा है। इससे उनका नामांकन रद्द होने की आशंका बन गई है। इसी बीच सपा नेता अभिषेक यादव ने कुलपति को फोन पर धमकी दे दी कि अजीत का नामांकन रद्द हुआ तो इसका अंजाम बुरा होगा। इसी बीच प्रदेश सरकार का हस्तक्षेप भी शुरू हो गया है।
इस दबाव में शुक्रवार को मंडलायुक्त राजन शुक्ला ने विश्वविद्यालय के अफसरों के साथ बैठक कर किसी का नामांकन रद्द न करने की बात कही। इससे बने दबाव के बाद चुनाव अधिकारी प्रोफेसर आरएस पांडेय तथा एडवाइजरी कमेटी के अन्य सदस्याें ने इस्तीफा दे दिया। ऐसे में आशंका बन गई है कि चुनाव हो पाएगा की नहीं। इसके अलावा अजीत यादव के नामांकन को भी विश्वविद्यालय के कई अफसरों ने प्रतिष्ठा से जोेड़ लिया है।
जिला और पुलिस प्रशासन के साथ वार्ता में कुलपति प्रोफेसर ए.सत्यनारायण ने साफ कर दिया है कि चुनाव लिंगदोह समिति की संस्तुतियों के अनुसार ही होगा। छात्र नेताओं को इसमें किसी तरह की छूट नहीं दी जाएगी। इसके विपरीत जिला प्रशासन को किसी का नामांकन रद्द होने पर बवाल की आशंका है। इन गतिरोधों के बीच चुनाव अधिकारी को मनाने की कोशिश भी चलती रही।
सभी पहलुओं को लेकर विश्वविद्यालय और जिला प्रशासन की संयुक्त तथा अलग-अलग बैठकों का दौर देर रात तक चलता रहा, लेकिन निष्कर्ष नहीं निकल सका। इसके मद्देनजर सर्किट हाउस तथा एमएनएनआईटी स्थित कुलपति के कैंप कार्यालय में देर रात तक अफसरों का आना-जाना लगा रहा। इन गतिरोधों के बीच कुलपति के निर्देश पर असिस्टेंट प्रॉक्टर डॉ.एनके शुक्ला ने छात्र नेताओं को बताया कि सुबह 10 बजे तक सबकुछ स्पष्ट हो जाएगा।