जब रात आठ बजे के बाद भी हर्षित घर नहीं पहुंचा तो परिजन ढूंढने लगे। मुहल्ले में इधर उधर ढूंढने के बाद वह अभिषेक के पास पहुंचे। वह बुरी तरह से डरा हुआ था। उसने पूरी घटना के बारे में बताया तो तुरंत पुलिस को सूचना दी गई। अभिषेक और घर वालों को लेकर पुलिस मंडपम पहुंची। वहां हाल का ताला खुलवाया गया। अंदर हॉल में हर्षित पड़ा था। उसकी मौत हो चुकी थी। साउथ मलाका चौकी इंचार्ज राजेश सिंह ने बताया कि परिवार वालों ने किसी पर शक नहीं जताया है। पोस्टमार्टम के बाद शनिवार को शव घर वालों के सुपुर्द कर दिया गया।
बेसुध हुए परिजन, सांत्वना देने वालों के भी आंसू निकले
हर्षित की मौत से परिवार वाले पूरी तरह से बेसुध हो गए है। मां नंदिनी और पिता रजनीश के आंसू नहीं रुक रहे हैं। हर्षित की बहन भी परिवार वालों से लिपटकर लगातार रो रही थी। 15 साल के बेटे की मौत पर रिश्तेदार क्या सांत्वना देते, घर वालों के आंसू देखकर वह भी बिलख पड़ते।